पावटा उपखंड के ग्राम तुलसीपुरा में एक जने ने मानसिक तनाव में आकर सात साल के बेटे, चार साल की बेटी और पांच साल के भतीजे को विषाक्त खिलाकर खुद ने भी विषाक्त खाकर जान देने का प्रयास किया।
कोटपूतली। पावटा उपखंड के ग्राम तुलसीपुरा में एक जने ने मानसिक तनाव में आकर सात साल के बेटे, चार साल की बेटी और पांच साल के भतीजे को विषाक्त खिलाकर खुद ने भी विषाक्त खाकर जान देने का प्रयास किया। घटना में चार साल की बालिका की मौत हो गई। वहीं तीन जनों की हालत गंभीर है। उन्हें उपचार के लिए जयपुर रैफर किया गया है। एक ही परिवार के चार जनों के विषाक्त खाने की खबर सुनकर गांव में सनसनी फैल गई।
पुलिस के अनुसार कृष्ण (25) पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे वह बच्चों को स्कूल से लेकर आया था। इसके बाद गांव के एक मंदिर में अपने दोनों बच्चों रुचि (4), वंश (7) और भतीजे विनित (5) को लेकर पहुंचा और उन मासूमों को विषाक्त खिलाकर खुद ने भी खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर वह मंदिर से दौड़कर बाहर आकर सड़क पर गिर गया। आसपास के लोगों को जानकारी लगी तो दौड़कर आए और पावटा सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद चारों को जयपुर रैफर कर दिया। जहां निम्स अस्पलाल में 4 वर्षीय रुचि ने दम तोड़ दिया। तीन जनों का अस्पताल में इलाज जारी है।
डेढ़ साल पहले भाई की मौत
प्रागपुरा थाना प्रभारी राजवीर मीणा ने बताया कि कृष्ण की पत्नी करीब छह दिन पहले इसे छोड़कर चली गई थी। इससे वह मानसिक तनाव में था,जिसके चलते यह कदम उठा लिया। कृष्ण के बड़े भाई घनश्याम की करीब डेढ़ साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी, उसकी पत्नी दूसरी जगह चली गई। जिससे उसके बेटे विनित की जिम्मेदारी भी उसी पर थी।
पावटा में करता था काम
कृष्ण कुमार पावटा के सुभाष चौक पर स्थित एक परचून की दुकान पर काम करता था और रोजाना आता-जाता था। लेकिन शुक्रवार को वह दुकान पर भी नहीं गया था।