4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

News Impact…-शहर की सुरक्षा को लेकर खराब पड़े कैमरों की ली सुध

  कंपनी प्रतिनिधि ने 17 कैमरे ठीक किए, शेष 7 कैमरे अभी नहीं हुए ठीक   शाहपुरा शहर की सुरक्षा का मामला

2 min read
Google source verification
News Impact...-शहर की सुरक्षा को लेकर खराब पड़े कैमरों की ली सुध

News Impact...-शहर की सुरक्षा को लेकर खराब पड़े कैमरों की ली सुध

शाहपुरा।

शहर की सुरक्षा, अपराधियों को पकडने और अपराधिक मामलों में सबूत जुटाने के लिए शाहपुरा कस्बे के प्रमुख चौराहों व नेशनल हाईवे पर तीसरी आंख के रूप में लगाए गए अधिकांश सीसीटीवी कैमरे ठीक करने के बाद चालू हो गए हैं।

राजस्थान पत्रिका में 30 दिसम्बर के अंक में शाहपुरा की तीसरी आंख की रोशनी फिर गुल शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने के बाद नगरपालिका प्रशासन की सख्ती पर कैमरों की देखरेख कर रहे कंपनी प्रतिनिधि ने कस्बे में खराब पड़े कैमरों की सुध लेकर 24 में से 17 कैमरों को ठीक कर दिया है। जिससे शहर की सुरक्षा को लेकर पुलिस को काफी सहुलियत मिली है।

हालांकि कस्बे में 7 सीसीटीवी कैमरे अभी ठीक नहीं होने से बंद है। इनमें 3 कैमरे नेशनल हाइवे पर है। उक्त कैमरों को भी ठीक करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने बताया कि अधिकांश कैमरे चालू हो गए हैं, लेकिन 7 कैमरे अभी चालू नहीं हुए हैं।

इस मामले में नगरपालिका चेयरमैन बंशीधर सैनी ने कहा कि शहर की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। कंपनी प्रतिनिधि को पूर्व में भी कैमरों को ठीक करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। यदि अभी तक भी सभी कैमरे ठीक नहीं हुए तो जानकारी कर शीघ्र सभी कैमरों को ठीक कराया जाएगा।

20 लाख की लागत से लगाए थे कैमरे

उल्लेखनीय है कि शहर की सुरक्षा और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए करीब साढे चार साल पहले विधायक कोष व नगरपालिका के सहयोग से करीब 20 लाख की लागत से आबादी क्षेत्र से लेकर हाइवे और मुख्य तिराहे व चौराहों पर अच्छी क्वालिटी के 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, ताकि समूचा कस्बा सीसीटीवी कैमरों की जद में रहे। मगर सार-संभाल के अभाव में महज साढे चार साल में ही कैमरे कई बार खराब हो चुके है।

कुछ माह पहले नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी ऋषिदेव ओला ने सभी कैमरों की रिपेयरिंग भी कराई थी। उसके बाद कंट्रोल बॉक्स जलने से ये कैमरे फिर से बंद हो गए थे। ऐसे में पुलिस को भी अपराधियों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। पिछले दिनों कैमरों के खराब होने पर राजस्थान पत्रिका की ओर से खबर प्रकाशित करने के बाद कंपनी प्रतिनिधि की ओर से कैमरों को ठीक किया जा रहा है।