जगदलपुर . शहर से लगे कुम्हरावंड के कृषि विज्ञान केंद्र में कड़कनाथ के संवर्धन को लेकर काफी प्रयास किया जा रहा है। मुर्गी के इस प्रजाति की खासियत होती है कि उसके शरीर का कोई सा भी हिस्सा काला के अलावा कोई दूसरा कलर नहीं होता। उसके आंख, कान-नाक, खून व नाखून सभी अंग काली होती है। माना जाता है कि यह शरीर में खून की कमी को पूरा करने में सहायक होता है। खून भी काला, नाखून भी काला है कड़कनाथ, लेकिन इसका स्वाद भी काफी निराला माना जाता है। भले ही इसकी नस्ल को लेकर मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ आमने सामने हैं। पर इसके संवर्धन को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र में प्रयास जारी है। ये मुर्गियां लड़ाकू व अंडे न सेने की प्रवृति के चलते इसकी संख्या नहीं बढ़ रही है। फिलहाल यहां कृत्रिम प्रयास किया जा रहा है।