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पत्रिका ने किया खुलासा, रिजर्व फॉरेस्ट में इवेंट कंपनी का तमाशा करवाया बंद

पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लामनी पार्क का उपयोग, जैव विविधता वाले इलाके में बखौफ हो रही सरकारी वाहनों की पार्किगं, पत्रिका में खबर छपने के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई

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Ajay Shrivastava

Oct 07, 2016

Starting crimp frills

Starting crimp frills

जगदलपुर
. तीन दिनों से शहर से सटे रिजर्व फारेस्ट में जारी तमाशा को वन अमले ने शुक्रवार सुबह बंद करा दिया। इसके लिए बाकायदा नोटिस चस्पा कर दिया गया है। सुबह यहां ताज इवेंट ने अपना तामझाम समेटना शुरु किया।


दोपहर तक इस जंगल से उसे बाहर निकाल दिया गया। एडवेंचर स्र्पोट्स के नाम पर आरएफ के एक बड़े हिस्से का यह मैनेजमेंट कंपनी उपयोग कर रही थी। इस रिजर्व एरिया से सटा हुआ डिमार्केटेड फारेस्ट भी है।






















फारेस्ट के कायदे कानून को ताक में रखकर यहां कंपनी के नुमाइंदे जनप्रतिनिधियों व कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की आवभगत में जुटे हुए थे। यही नहीं जंगल की खुली जगह पर दिन-रात वाहनों की आवाजाही व पार्किंग होने लगी थी।


इसके अलावा रात में जमकर लाइटिंग, माइक पर गाना, गैस चूल्हा जलाकर कर्मचारियों को भोजन बनाया जाता रहा। लाइट का भारी- भरकम बिल विभाग के मत्थेसप्ताह भर से यह इवेंट कंपनी यहां अपना तामझाम लगा रही थी। इस बीच उसने इस रिजर्व पार्क से गुजरने वाली लाइट का भी भरपूर इस्तेमाल किया।


इसकी जानकारी वहां तैनात लामनी वन प्रबंधन समिति को लग गई है। इस वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि इस भारी भरकम लाइट बिल को यह निजी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से वसूलने कार्रवाई करेंगे।


.... तो एेसी नौबत नहीं आती

जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने जंगल के कानून को नजरअंदाज नहीं किया होता। पहले लालबाग में होने वाले इस इवेंट को सरगीपाल रिजर्व फारेस्ट और उसके बाद शहीद पार्क में शिफ्ट करने की योजना पर पर्यावरण के जानकारों से चर्चा की होती।


रिजर्व फारेस्ट में ऐसी गतिविधियों के संचालित होने की जानकारी वन प्रबंधन समिति ने वन अधिकारियों को समय पर दी होती।


एडवेंचर स्र्पोट्स में हिस्सेदारी के लिए दूरदराज के बच्चों को पांच से दस किमी तक का सफर पैदल तय करने की मशक्कत करना पड़ा।