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संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े बाजार में अव्यवस्थाओं का अंबार, नहीं हो पा रही व्यवस्थित

दिक्कत...अव्यवस्था के बीच लगता साप्ताहिक बाजार, बाजार के बीचों-बीच कुछ जगह खाली तो रहती है, लेकिन कचरा पसरा रहता है।

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वाह रे सरकार ! इतनी अव्यवस्थाओं के बीच लग रहा है संभाग मुख्यालय का यह बाजार

वाह रे सरकार ! इतनी अव्यवस्थाओं के बीच लग रहा है संभाग मुख्यालय का यह बाजार

वाह रे सरकार ! इतनी अव्यवस्थाओं के बीच लग रहा है संभाग मुख्यालय का यह बाजार

जगदलपुर . संजय बाजार शहर का सबसे बड़ा बाजार है। इस बाजार में न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी भी बड़ी संख्या में रोजाना आते है। इन सब के बावजूद संजय बाजार की अव्यवस्था की ओर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। रविवार को साप्ताहिक बाजार लगने के चलते संजय बाजार की अव्यवस्था और भी बढ़ जाती है। लोग यहां पर हरी सब्जियों से लेकर मांस-मछली भी खरीदने बहुतायत में आते है। बाजार में पसरा दुकान लगाने वाले को 3 बजे का इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि इनके दुकान लगाने से वाहनों के आने जाने में दिक्कत होती है।

बीच बाजार में खाली जगह फेंका जाता है कचरा
बाजार के बीच में जगह खाली तो है पर वहां कचरा फंेका जाता हैा जिससे भी पसरा दुकान लगाने वाले ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि पसरा दुकान की वजह से उनको गाड़ी अंदर लाने में दिक्कत होती है इसलिए वह 3 बजे से दुकान लगाने को कहते है। पसरा दुकान लगाने आए लोगों ने कहा कि स्ट्रीट लाइट के न होने की वजह से उन्हें अपनी दुकान जल्दी हटानी पड़ जाती है। इस वजह से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता ।

वाहन चालकों की वजह से भी होती है दिक्कत
बाजार में कई दुपहिया वाहन सहित चालक अंदर चले जाते हैं। इस वजह से भी बाजार में भीड़ लग जाती है और लोगों को आने- जाने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। सड़क पर वाहन पार्क करने से हो रही परेशानी- संजय बाजार में दो पार्र्किंग स्थल बनाए गए हैं, लेकिन वाहन पार्किंग स्थल से बाहर सड़क के किनारे ही नजर आते हैं। रविवार को साप्ताहिक बाजार होने की वजह से तो वाहन रखने की जगह भी कम पड़ जाती है। जिससे बाजार में आने वाले लोगों को दिक्कत होती है। बाजार के करीब की मुख्य सड़क के किनारे भी पसरा दुकानें व वाहन के खड़े रहने के कारण राहगीरों तक का चलना मुश्किल हो जाता है।