
केशकाल. ग्राम सिंदूरकोटा में आधी रात को एक महिला प्रसव पीड़ा से परेशान हो गई आसपास की मदद ना मिलने के बाद पति ने महतारी एक्सप्रेस को 102 नंबर पर कॉल किया लेकिन रास्ता खराब होने की वजह से महतारी एक्सप्रेस गांव तक नहीं जा पाई उसे डोला बनाकर दो किलोमीटर तक पैदल लाया गया। जहां 102 महतारी एक्सप्रेस में ही मां ने दिया स्वस्थ्य बच्चे को जन्म ।
सड़क विहीन गांव होने के कारण उस गांव तक वाहन पहुंच पाई
मिली जानकारी के मुताबिक विकासखंड केशकाल अंतर्गत ग्राम सिंदूरमेटा के ग्रामीण मानसिंग की पत्नी राजोबाई को अचानक आधी रात में प्रसव पीड़ा हुई जहाँ अपनी पत्नी की दर्द को देखते हुए वह किसी तरह से मदद के लिए 102 का कॉल किया। तत्परता दिखाते हुए तत्काल 102 भी प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को लेने सिंदूरमेटा पहुंच गया लेकिन सड़क विहीन गांव होने के कारण उस गांव तक वाहन पहुंच नहीं पा रही थी और करीबन 2 किलोमीटर से उस महिला को डोला बनाकर वाहन तक पहुंचयां जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया।
अद्र्धरात्रि अचानक प्रसव पीड़ा होने पर पति ने बुलाया 102
मानसिंग अपने पत्नी की प्रसव पीड़ा को देख गांव वालों की मदद लेना चाह लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी कोई सुविधा नहीं होने की चलती किसी तरह मदद के लिए 102 को कॉल कर बुलाया।
डोला बनाकर लाना लाया दर्द से तड़पती महिला को
सिंदूरमेटा घने जंगल के बीच होने के कारण वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हुआ है जिससे ग्रामीण जनों को आने जाने में काफी परेशानी होती है किसी तरह बहुत से पहुंची 102 एंबुलेंस वाहन दो किलोमीटर पहले ही सड़क खराब होने के चलते रुक गया । गांव से डोला बनाकर महिला को वाहन तक पहुंचाएं प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला के पति मानसिंग और मितानिन मंगलबाई के साथ 2 किमी पैदल चल कर ई.एम.टी 102 एंबुलेंस वाहन तक पहुचाए ।
102 एंबुलेंस वाहन के कर्मचारियों ने सुरक्षित प्रसव कराएं
प्रसव से तड़प रही महिला जैसे ही 102 एंबुलेंस वाहन पर पहुंची तो उपस्थित कर्मचारियों ने वाहन पर ही सुरक्षित प्रसव करवाया गया और जच्चा-बच्चा दोनों को केशकाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया।
Updated on:
03 Nov 2017 02:42 pm
Published on:
03 Nov 2017 02:37 pm
बड़ी खबरें
View Allबस्तर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
