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अब सेनेट्री पैड और डायपर खरीद में लाखों का घोटाला

जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने कहा कार्रवाई होगी, कंपनी को ब्लैकलिस्ट किये जाने की बात भी हुई तेज

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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने कहा कार्रवाई होगी, कंपनी को ब्लैकलिस्ट किये जाने की बात भी हुई तेज

बस्ती. महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं के डाइपर और महिलाओं के इस्तेमाल के लिए दिये जाने वाले सिनेटरी पैड की खरीद में घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चार रूपये की खुदरा दर पर बिनने वाले सिनेटरी पैड को लगभग दस रुपये के थोक रेट में खरीद कर लिय़ा गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा यह गोलमाल जेम पोर्टल से की गई खरीद में किया गया।

सीएमएस डा. एके सिंह के संज्ञान में जब मामला आया तो उन्होने त्वरित जांच करवाई और घोटाला सही पाया गया। इस मामले में अस्पताल प्रशासन और स्टोर कीपर की भूमिका सामने आ रही है। जेम पोर्टल पर यह खेल प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में हो रहा है। सूत्रों का दावा है कि अगर इसकी जांच हो जाए तो पूरे प्रदेश में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

जी हां सरकार की योजनाये आमजन तक पहुंचे औऱ व्यवस्था में किसी तरह की कमी न हो सके इसके लिए सरकार की ओर से ई. टेंडरिगं की व्यवस्था की गई। जब वह फेल होने लगा तो जेम पोर्टल से स्वास्थ विभाग को खरीददारी का आदेश जारी किया गया।

जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने जेम पोर्टल पर मार्च 2019 में 20 रुपये की दर से हजारों की संख्या में डाइपर की खरीददारी किय़ा। जब एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया तो वहां पर जो डाइपर मिला उसका प्रिंट रेट 13 रुपया अंकित था। गौर करने वाली बात यह है कि जब एक पीस का एमआरपी मात्र 13 रुपये है तो कंपनी को आखिर 20 रुपये की दर से भला भुगतान क्यूं किया गया। जबकि इस पैड का थोक रेट तीन रूपये है ऐसी भी चर्चा स्वास्थ विभाग से जुड़े जानकार कर रहे हैं।

क्या है कंपनी का भाव

इसे लेकर जब एक डायपर का बाजार दर पता किया गया तो दुनिया की नंबर वन कंपनी प्राक्टर एंड गैंबलर का एक पीस का दर नौ रुपया निकला। वह भी खुदरा में। यह डाइपर लाइफ केयर सिस्टम लखनऊ से खरीदा गया। अब आ जाइए सिनेटरी पैड की खरीद पर। दुनिया की नामी गिरामी कंपनी जानसन एंड जानसन का बाजार में एक पैड का खुदरा मूल्य चार रुपया है, और अस्पताल प्रशासन ने इसे जेम पोर्टल पर मेडिसिन महल लखनऊ नामक कंपनी से नौ रुपये 70 पैसे में खरीदा है वह भी थोक में। यह खरीद फरवरी 2018 में की गई थी।

कार्रवाई के लिए क्या हैं नियम

नियमानुसार जेम पोर्टल पर अगर कोई फर्म चिटिंग करते पकड़ी जाता है तो सबसे पहले उसे ब्लैकलिस्टेड का प्रावधान है। उसके बाद उसे तीन साल के लिए जेम पोर्टल पर सामान बेचने से वंचित किया जाएगा, और तीसरा जितने की भी आपूर्ति की गई उस धन की वापसी मय जुर्माने के साथ देना होगा।

अधिकारी ने कहा कार्रवाई जल्द

महिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सिंह ने मीडिया से कहा भी वह फर्म को ब्लैकलिस्टेड और धन वापसी की कार्रवाई करने जा रहे हैं। जानकारों का दावा है कि अगर इसकी जांच हो जाए तो पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर घोटाला उजागर हो सकता है।

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