
फोटो सोर्स: पत्रिका, SP बस्ती
राज्य महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक बस्ती को 17 फरवरी 2026 तक मॉर्फ्ड वीडियो वायरल करने के मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। बता दें कि मॉर्फ्ड वीडियो किसी को बदनाम करने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी द्वारा बनाया जाता है।
आयोग ने वार्निंग दी है कि रिपोर्ट समय पर न मिलने या अधूरा पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक को स्वयं आयोग के समक्ष उपस्थित होना पड़ सकता है। पूरा मामला बस्ती में एक महिला और उसके परिवार को मॉर्फ्ड वीडियो वायरल कर बदनाम करने का मामला है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बभनगांवा निवासी एक महिला और उसके परिवार से जुड़ा है। उनके वीडियो को मॉर्फ करके सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। यह काम लौकिहवा निवासी एक युवक किया था जिसमें महिला के भतीजे को केले के पेड़ का चोर दिखाया गया।
इस वीडियो में महिला और उसकी बेटी को भी उसके साथ खड़ा दिखाकर उनकी छवि खराब की गई। इस वीडियो के वायरल होने से पीड़ित परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़िता ने 17 दिसंबर 2025 को जिले के सर्किट हाउस में आयोजित राज्य महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग की सदस्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बस्ती को विस्तृत रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी है।
Updated on:
29 Jan 2026 09:28 pm
Published on:
29 Jan 2026 09:17 pm

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