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यूपी बोर्ड परीक्षा: बस्ती में परीक्षा से पहले तीन विषय के पेपर आउट

हर रोज सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, सरकार की सख्ती के सभी दावे फेल
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बस्ती

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Ashish Kumar Shukla

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Updated: 27 Feb 2020, 9:00 PM IST

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हर रोज सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, सरकार की सख्ती के सभी दावे फेल

बस्ती. यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 को लेकर योगी सरकार भले की सुचिता के दावे कर रही हो, पर हकीकत इससे उलट है। बस्ती में नकल माफियाओं के सामने शिक्षा विभाग और प्रशासन पूरी तरह से बौना नजर आ रहा है। हालात ये है कि पिछले दो दिन में ही पेपर लीक के तीन मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही सामूहिक नकल के खुलासे ने भी पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर दिया है।

सबसे पहले मंगलवार को इंटर मीडिया की वाणिज्य का पेपर लीक हो गया। जिसकी परीक्षा तीन मार्च को होनी। ये पेपर मीरा देवी इंटर कॉलेज केवटली से आउट हुआ ऐसा शिक्षा विभाग का दावा है। इसके बाद बुधवार को इंटर मीडिएट अंग्रेजी का पेपर लीक हो गया। जिसकी परीक्षा उसी दिन 2 बजे से होनी थी। लेकिन ये पेपर दिन में 12 बजे ही लोगों तक पहुंचने लगा। पूरा मामला यहीं नहीं रूका। गुरूवार को हाईस्कूल समाज शास्त्र का पेपर लीक हो गया। जिसकी परीक्षा बुधवार बुधवार की सुबह होनी थी।

हैरानी की बात ये रही कि जानकारी के बाद भी प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने जैसी की कार्रवाई नहीं किया। महज एक मामले में मुकदमा दर्ज कर प्रशासन ने अपना कोरम पूरा किया। अर्थशास्त्र पेपर लीक मामले में डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्य ने केंद्र व्यवस्थापिका अंजनी देवी, परीक्षा सहायक राहुल मिश्र, लिपिक रामपूजन, सहायक अध्यापिका कुसुम मिश्रा व सौरभ शुक्ला के खिलाफ दुबौलिया पुलिस को तहरीर दिया था। पुलिस ने मंगलवार रात पांचों के खिलाफ नकल अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

पकड़ी गई सामूहिक नकल

वही रामप्यारे इंटर कॉलेज कप्तानगंज में भी गुरूवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा जब जांच करने पहुंचे तो उन्होंने पाया कि कई बच्चों ने जो उत्तर लिखे थे वह एक जैसे थे फिर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की जिसमें नकल कराते हुए वीडियो देखकर उनके होश उड़ गये। जिसके आधार पर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने मुकदमा दर्ज कर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। अब इस बात से साफ समझा जा सकता है कि जिले में नकल माफिया सामूहिक नकल का खेल खेल रहे हैं और शिक्षा विभाग के नकल रोकने के तमाम इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।

कमिश्नर अनिल कुमार सागर ने इस मामले को लेकर बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षा की शुचिता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरीके से गंभीर है और आज अंग्रेजी के पेपर के लीक होने की सूचना मिली जिसके आधार पर जांच हो रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

जिला अधिकारी आशुतोष निरंजन दावा किया कि जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा पूरी सुचिता से कराई जा रही है, और तीन दिन में जो पेपर लीक हुए है उस पर प्रशासन कार्यवाही कर रहा है। लगातार निरीक्षण और मॉनिटरिंग कराई जा रही है, पेपर लीक होने की सूचना पर पुलिस जांच करेगी और तब यह जानकारी हो सकेगी की इसका मास्टरमाइंड कौन है।