सभापति व आयुक्त कक्ष बनेगा : जिला क्षय निवारण केन्द्र का नवीनीकरण का काम शुरू
ब्यावर. विधानसभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक दल जमीनी हकीकत को टटोलने में जुट गए हैं। वहीं शहर में सालों से जिन काम की दरकार थी वो इस चुनावी साल में पूरी हो सकेगी। इसको लेकर संबंधित विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नवम्बर माह आने तक शहर में कई भवन निखरे-निखरे नजर आएंगे तो कई सड़कों की हालत सुधर जाएगी। इसको लेकर विभागीय स्तर पर काम शुरू करने की कवायद तेज हो गई है।
राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय का भवन दो करोड़ आठ लाख की लागत से दुरुस्त होने योग्य हिस्से को दुरुस्त करवाया जाएगा। इसको लेकर कवायद शुरू हो गई है। पहले भवन को जर्जर घोषित करने के चलते नए भवन का बजट मिलने की आशा के चलते अनिर्णय की स्थिति बनी थी। नए भवन के लिए बजट नहीं मिलने के बाद अब दुरुस्त करने योग्य हिस्से को दुरुस्त करवाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें उपनियंत्रक डॉ. एम.के. अग्रवाल, डॉ. प्रेमप्रकाशसिंह, डॉ. श्यामसुंदर सोनी, द्वारकाप्रसाद, हनुमानसिंह चौहान, हनुमान नामा, सिद्धांत जोशी, शैलेश शर्मा व नरेन्द्र जेसवानी को शामिल किया गया है।
सड़क निर्माण के कार्यादेश जारी
शहर के अलग-अलग हिस्सों में सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 44 सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसका काम शुरु होगा। यह काम भी चुनाव से पहले पूरे करवाने की कवायद तेज हो गई है। इसके अलावा अजगर बाबा के थान से पुराने जोधपुर रोड बाइपास तक सड़क का विस्तारीकरण का काम शुरू हो गया है। इसके बीचोंबीच डिवाइडर का निर्माण करवाया जाएगा।
नगर परिषद की स्थापना के साथ ही भवन के ऊपर घंटाघर लगाया गया। इस घड़ी से शहरवासियों व बाहर से आने वाले लोगों को बिना घड़ी देखे ही टन-टन की आवाज सही समय का आभास करवा देती थी। लेकिन सबको समय के लिए सजग करने वाली घड़ी ही सालों से बन्द पड़ी है। अब इस घडी को वापस दुरुस्त करवाने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विधायक शंकरसिंह रावत ने विधायक कोष से सात लाख रुपए की वितीय स्वीकृति दी है। इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरु हो गई है। इसके अलावा नगर परिषद में सभापति व आयुक्त के नए कक्ष के निर्माण को लेकर भी काम शुरू हो गया है।
जीर्णोद्धार का काम शुरू
जिला क्षय निवारण केन्द्र क्षतिग्रस्त होने के चलते उसे खाली कर दिया गया था। हाल में जिला क्षय निवारण केन्द्र अमृतकौर चिकित्सालय के पुराने गायनिक विंग के भवन में चल रहा है। जिला क्षय निवारण के क्षतिग्रस्त भवन के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो चुका है। इस साल में यह भी निखरा-निखरा नजर आएगा। इससे जांच, दवा, रजिस्ट्रेशन सहित सारी सुविधाएं एक जगह मिल सकेंगी।
राजकीय कन्या महाविद्यालय
शहर में राजकीय कन्या महाविद्यालय सरकार ने गत बजट में घोषित किया था। इसके तहत ही भवन निर्माण का काम शुरू हो चुका है। यह काम भी चुनाव से पहले पूरा करवाने की कवायद है। इसके लिए प्रथम वर्ष के प्रवेश हो चुके हैं। हाल में इनकी कक्षाएं सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में चल रही है। कन्या महाविद्यालय का यह पहला सत्र है। इसमें कला संकाय ही शुरू किया गया है। इसका भवन भी इस चुनावी साल में स्वरूप लेता हुआ नजर आएगा।