
तीन विभागों के ईई करेंगे स्टेडियम के निर्माण में गड़बड़ी की जांच, सात दिन के भीतर सौंपेंगे रिपोर्ट
बेमेतरा. करोड़ों रुपए की लागत से बनाए गए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम के हॉल के रविवार को आए आंधी-तूफान में ढह जाने का मामला सोमवार को शहर में चर्चा का विषय बना रहा। स्टेडियम की कमजोर दीवार के गिरने से निर्माण में बरती गई कमजोरियां बाहर आने लगी हैं। विभागीय अभियंताओं की देख-रेख में ठेके पर कराए गए काम को लेकर छोटे कारीगर तक खामियां गिनाने पहुंच रहे हैं।
कुछ भी बताने से बच रहे जिम्मेदार
स्टेडियम के हॉल के एक तरफ की दीवार के ढह जाने की सूचना पर रविवार रात को ही मौके पर पहुंचे बेमेतरा कलक्टर महादेव कावरे ने अधीक्षण अभियंता (ईई) स्तर के तीन अभियंताओं को जांच करने के निर्देश दिए हैं। बताना होगा कि निर्माण एजेंसी बेमेतरा नगर पालिका के अधिकारियों की निगरानी में बने स्टेडियम के एक बड़े हिस्से के गिर जाने के बाद से पालिका के पुराने कामकाज व निर्माण की फाइलों को फिर से पटलना शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पालिका की ओर से कागजी तौर पर ठेका रायपुर की एक ठेका कंपनी को दिया गया, लेकिन निर्माण स्थानीय ठेकेदार से कराया गया है। मामले में विभाग के जिम्मेदार कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
रात में दौड़े-दौड़े पहुंचे कलक्टर
स्टेडियम के हॉल के दीवार ढहने की सूचना पर रात करीबन 10 बजे के आसपास कलक्टर महादेव कावरे ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। स्थिति को देखते हुए उन्होंने निर्माण में बरती गई लापरवाही की अलग-अलग विभाग के तीन अभियंताओं से जांच कराने की बात कही। मामले में सोमवार को जांच अधिकारियों की सूची भी जारी कर दी गई, जिसमें लोक निर्माण विभाग के ईई एमआर जाटव, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क येाजना के ईई एसके साहू और ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के ईई को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए 7 दिनों में रिपोर्ट सौंपने निर्देश जारी किया गया है।
नगरीय निकाय विभाग भी करेगा जांच
मामले में नगरीय निकाय विभाग के संयुक्त संचालक पीवी काशी ने बताया कि नगर पालिका की ओर से उन्हें स्टेडियम के हॉल के ढहने की जानकारी दी गई है। मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने पूर्व में भी स्टेडियम के गिरने की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहने की बात कही है।
3 वर्ष की गारंटी अवधि में स्टेडियम
नगर पालिका सीएमओ मोहेंद्र साहू ने बताया कि स्टेडियम के निर्माण को अभी तीन वर्ष पूर्ण नहीं हुए हैं, ऐसे में ठेकेदार (ठेका कंपनी) को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि 421 लाख की लागत से बने स्टेडियम का ठेका 428 लाख में दिया गया था, जिसका भुगतान पीएमडी इफ्राकान प्राइवेट लिमिटेड को किया जा चुका है।
पालिका ने नोटिस का जवाब दबाया
गौरतलब हो कि पूर्व कलक्टर कार्तिकेय गोयल ने स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान 421 लाख खर्च किए जाने के बाद भी निर्माण पूर्ण नहीं होने पर निकाय के जिम्मेदारों को मार्च के अंतिम सप्ताह में नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद अधिकारी के तबादला होने के कारण पालिका ने जिला प्रशासन को जवाब देने की बजाए दबा दिया।
ढांचा ही कमजोर
जानकार जयकरण साहू ने बताया कि जिस स्तर का टीन शेड डाला गया है, वह काफी पतला और नरम है, जिसके कारण हवा के झोके में उड़ गया। वहीं जिस तरह से पतले छड़ जाले गए हैं, उससे 30 फीट ऊंची दीवार का टिकना मुश्किल है, इसके साथ छड़ों की मात्रा भी कम है। इससे स्टेडियम निर्माण के दौरान उठाए गए सवाल दीवार के ढह जाने के बाद और भी पुख्ता हो गए हैं।
जोगी कांग्रेस ने उठाए सवाल
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी के प्रदेश महासचिव योगेश तिवारी ने रविवार को आए आंधी-तूफान में नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम के ताश के पत्तों की तरह ढह जाने पर सवाल उठाया है। तिवारी ने कहा कि करोड़ों की लागत से निर्मित स्टेडियम का जनता उपयोग भी नहीं कर पाई और भवन धराशाई हो गया।
उन्होंने स्टेडियम के निर्माण में संबंधित ठेकेदार और अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की बात कहते हुए कहा कि भाजपा शासन काल में जिले में जितने भी भवन निर्माण किए गए हैं, उन सभी की स्थिति इसी प्रकार की है। जिले में निर्मित सभी भवनों की जांच की जानी चाहिए।
जिम्मेदारों ने ये कहा
कलक्टर महादेव कावरे ने कहा कि जांच के लिए अंतरविभागीय टीम का गठन किया गया है। 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है। बेमेतरा नगर पालिका के सीएमओ मोहेंद्र साहू ने कहा कि विभाग के अभियंता को सोमवार को मौके पर भेजा गया था। मौके पर जमीन घंस गई है और दीगर दीवारों को भी नुकसान हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
Published on:
05 Jun 2018 06:30 am

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