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भाजपा की चौथी पारी में प्रशासनिक तंत्र रोड़ा, कार्यकर्ता सहित मंत्री भी हुए नाराज

शिविर में खुलकर लगाए अफसरों पर मनमानी के आरोप, गुणवत्ता जांच की अवधि पूछने पर कलक्टर ने बताने से किया इनकार

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Chhattisgarh Public Opinion

बेमेतरा (नवागढ़) . नवागढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्या के निदान के लिए 25 जनवरी को सम्मेलन में प्रभारी मंत्री पुन्नूलाल मोहले, सहकारिता मंत्री डीडी बघेल, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, विधायक अवधेश चंदेल, कलक्टर कार्तिकेय गोयल, जिला पंचायत सीईओ एस आलोक की उपस्थिति में जनपद पंचायत के सामने खुले मंच में शिविर का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं में जिला प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला। यहां तक कि सहकारिता मंत्री डीडी बघेल भी प्रशासनिक अधिकारियों सहित कलक्टर से नाराज दिखे। भाजपा कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के बाद यह माना जा रहा है कि बजट सत्र के बाद जिले में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी।
कलक्टर को एक सप्ताह में निराकरण के दिए निर्देश
विधानसभा चुनाव के बाद स्थानीय चुनाव में भाजपा मुक्त साजा, ब्राह्मण बाहुल्यता वाले बेमेतरा में जोगी कांग्रेस की धमक के बाद विकासमूलक कार्यों में पिछड़े नवागढ़ के सत्ता को फिर पाने के लिए शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर हुई बैठक में जो तस्वीर कार्यकर्ताओं ने देखा, यह पार्टी के लिए चिंताजनक है। कुछ कार्यकर्ताओं ने बेबाक टिप्पणी की, अब नौकरशाह नैया डूबाने के लिए पर्याप्त हैं। शिविर में उस समय सन्नाटा पसर गया, जब निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए मंत्री बघेल ने कलक्टर से कहा तो कलक्टर ने समय बताने से इनकार कर दिया। इससे नाराज मंत्री मंच छोड़कर जाने लगे तो स्थिति को संभालते हुए प्रभारी मंत्री मोहले ने हस्तक्षेप कर कलक्टर को एक सप्ताह में निराकरण करने के लिए कहा। मंत्री बघेल पूरे विधानसभा में सड़कों के निर्माण की स्तरहीन गुणवत्ता से क्षुब्ध हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग से है ढेरों शिकायतें
इस शिविर में जिला पंचायत सदस्य अंजू बघेल ने यह शिकायत दर्ज कराई कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग के सभापति हैं। डेढ़ साल से इस विभाग की बैठक में जो विषय लाए गए, उसमें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह व मनोज सिन्हा के कार्यकाल में हुए समस्त भुगतान देयक की जांच जरूरी है। पोषण आहार का कारोबार जिले के एक हिस्से में अघोषित रूप से ठेके पर दे दिया गया है। गुणवत्ता परीक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की एक टीम बने। ग्राम कूंरा निवासी पोषण आहार विशेषज्ञ झाड़ूराम ने नवागढ़, नांदघाट व खंडसरा परियोजना के सभी प्रकार के पोषण आहार के वितरण के भौतिक सत्यापन व गुणवत्ता जांच की मांग की। शिविर में मुरता सरपंच, खोरबाहराराम साहू, भाजपा मंडल महामंत्री चैन साहू ने गांव में गंभीर पेयजल संकट से निपटने के लिए पानी टैंकर व पानी की मांग की। चैन साहू ने नवागढ़ शक्तिमंदिर के निकट से सरकारी शराब दुकान हटाने की मांग की।
स्वच्छता स्थायित्व सम्मेलन में बिफरे सरपंच
शिविर में ग्राम पंचायत के सरपंचों ने जमकर भड़ास निकाली। सरपंचों ने सपाट शब्दों ने कहा कि शौचालय निर्माण ने हमें मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। निर्माण कार्य के बाद अधिकारियों के सुर बदल गए। भुगतान चेहरा देखकर किया जा रहा है। सरपंचों पर लाखों का कर्जा चढ़ गया है। 14 वें वित्त की राशि मोबाइल टावर के नाम पर ले लिया गया। लोगों की समस्या क्या गूगल हल करेगा। पंचायती राज समाप्त करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, नल-जल योजना सहित सरकारी विभाग के कार्यों पर हर किसी ने शिकायत की।

पहले मेज पीटे अब माथा पीट रहे
2017 बजट के पूर्व मुख्यमंत्री ने मंत्री व विधायकों से रायशुमारी कर कार्यों की सूची ली थी। मुख्यमंत्री ने जब बजट पेश की, तब जिले के तीनों भाजपा विधायक सदन में मेज पीटकर खुशी का इजहार किए। बाद में जाने क्या हुआ कि बजट में शामिल कार्यों में से कई महत्वपूर्ण कार्यों की स्वीकृति नहीं मिली। यह दर्द ऐसा कि इजहार भी नहीं कर पा रहे हैं पर सत्यता यही है कि पहले मेज पीटे थे, अब माथा पीट रहे हैं। शिविर में भाजपा के जिला प्रभारी मोतीलाल साहू, जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, महामंत्री विकासधर दीवान, मंडल अध्यक्ष टारजन साहू, बबलू राजपूत, फिरतूराम साहू, अंजू बघेल, सागर, चैन साहू, रामसागर साहू, शरद जोशी, नपा अध्यक्ष गिरेंद्र महिलांग, अजय साहू, महावीर ध्रुव, झाऊलाल साहू, दिनेश सोनी सहित विधानसभा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नौकरशाह के हाथ पतवार
भाजपा कार्यकर्ता वीके शुक्ला ने कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। नौकरशाह मनमानी में उतारु हैं। वर्तमान में जो स्थिति है, वह चिंताजनक है। जिला पंचायत में स्वच्छता अभियान में शौचालय निर्माण के अलावा प्रचार-प्रसार, गुणवत्ता, कार्यशाला, वाहन किराया, बैनर-पोस्टर, जागरण पर किए गए खर्च की जांच जरूरी है। नियुक्ति से लेकर कार्यशाला, यात्रा व्यय के नाम पर महिला एवं बाल विकास विभाग में किए गए फर्जीवाड़ा पर मजदूरों के हाथ खाली होने, स्वीकृत कार्य समय पर नहीं होने, रोजगार गारंटी के कार्यों का भुगतान अटकने, पेयजल निस्तारी संकट का स्थाई समाधान नहीं होने, अवैध उत्खनन, ईंट का निर्माण जैसे गंभीर विषयों पर शिविरों में आवेदन के बाद भी निराकरण नहीं होने से भाजपा कार्यकर्ता व जनता में नाराजगी है। अधिकारी इतने गंभीर है कि गत वर्ष खरीफ फसल क्षति की राहत व बीमा राशि के लिए आज भी किसान भटक रहे हैं।