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सीजी बोर्ड परीक्षा के परिणाम : बेमेतरा जिला दसवीं में चार साल में सबसे कमजोर परिणाम, बारहवीं में भी फिसड्डी

जिले के परीक्षार्थियों को नहीं मिला प्रदेश के टॉपटेन में स्थान, प्रदेश में जिला दसवीं में 27 वें और 12 वीं में 16 वें स्थान पर

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Bemetara Patrika

सीजी बोर्ड परीक्षा के परिणाम : बेमेतरा जिला दसवीं में चार साल में सबसे कमजोर परिणाम, बारहवीं में भी फिसड्डी

बेमेतरा . माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड ने शुक्रवार को 10 वीं व 12 वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा की। बोर्ड द्वारा घोषित परिणाम में जिले का एक भी परीक्षार्थी प्रदेश के टॉप टेन में स्थान नहीं बना पाया। जिले में गत 5 साल से इसी तरह की स्थिति है। जिले के कक्षा 10 वीं के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहा है। जिले में गत चार साल में सबसे कमजोर परिणाम सामने आया है।

केवल 56 फीसदी रहा परीक्षा परिणाम
जिले के परीक्षा परिणाम इस वर्ष केवल 56 फीसदी का रहा है, जो पूर्व के 58 फीसदी से भी कम है। तब जिले का रैक 27 जिलों में 26 वें क्रम में था। चार सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो 2016 में जिले का परीक्षा परिणाम 63 फीसदी रहा है, तब जिला प्रदेश में 18 वें स्थान पर था। वहीं 2017 के दौरान जिला का परीक्षा परिणाम 62 फीसदी का रहा है, वहीं जिला प्रदेश में 12 वें स्थान पर था। सीधे तौर पर देखा जाए तो 2016 के बाद से जिले में कक्षा दसवी का स्तर लगातार कमजोर होते आ रहा है।

26 वें स्थान पर आने के बावजूद शिक्षा गुणवत्ता पर नहीं दिया ध्यान
इसी प्रकार 2018 में जब जिला 26 वें स्थान पर आया था, तब जिले में शिक्षा की स्थिति सुधारकर टॉप टेन में लाने का दावा तत्कालीन डीईओ एके भार्गव ने किया था। लेकिन सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने कोई प्रयास नहीं किया। यहां तक कि जिले में विवादस्पद तौर पर प्री-बोर्ड परीक्षा नहीं ली गई थी। विभाग द्वारा अपना दामन बचाने के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा होने की बात कही गई था। लचर व्यवस्था की वजह से जिला एक बार फिर फिसडडी साबित हुआ है।

10 वीं में बेमेतरा जिले का प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान
कक्षा दसवी में जिले में 14773 परीक्षार्थियो में से 14647 ने परीक्षा दिलाई थी, जिसमें से 14618 परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। जिसमें 3555 ने प्रथम श्रेणी प्राप्त किया है, जिसमें 2054 छात्रा व 1501 छात्र हैं। 4257 परीक्षार्थियों ने द्वितीय श्रेणाी अर्जित की है। 2179 परीक्षार्थी पूरक रहे हैं। जिले में कुल 8210 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। कक्षा 10 वीं के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में जिला सबसे अंितम 27 वें स्थान पर है।

बारहवीं में प्रतिशत बढ़ा पर प्रदेश के रैंक में नहीं हुई बढ़ोत्तरी
जिले में पूर्व वर्ष की अपेक्षा कक्षा बारहवीं के परीक्षा परिणाम में सुधार आया है। पूर्व में जिले का परीक्षा परिणाम 73 फीसदी रहा है। जबकि इस बार जिले का परीक्षा परिणाम 77 फीसदी के करीब है। 2015 में जिला का परीक्षा परिणाम 82 फीसदी रहा है। जिसके बाद 2016 में 80 फीसदी रहा है, तब जिला प्रदेश में 5 वें रैंक में था। 2017 में जिले का परीक्षा परिणाम 82 फीसदी का रहा है, जब जिले का रैक सुधर कर चौथे नंबर पर रहा है। 2018 में जिले का परीक्षा परिणाम 73 फीसदी का रहा है, तब जिले की रैकिग गिरकर 16 वें स्थान पर पहुंच गई थी।

77 फीसदी रहा बारहवीं का परीक्षा परिणाम
इस साल जारी परिणाम में जिले के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई पर रैक पूर्ववत ही है। जिले में 8582 परीक्षार्थी में से 8538 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिसमें से 8530 का परिणाम घोषित किया गया है। जिसमें 1966 ने प्रथम श्रेणी, 3696 ने द्वितीय श्रेणी, 994 ने तृतीय श्रेणी हासिल किया है। वहीं 1158 परीक्षार्थी पूरक आए हैं। जिले में 6569 परीक्षार्थी सफल हुए हैं। जिले का परीक्षा परिणाम 77 फीसदी है। बहरहाल जिले में बोर्ड परीक्षा के परिणामों ने जिले में शिक्षा के स्तर में किए जाने वाले कथित प्रयासों की पोल खोलकर रख दी है।

योजनाबद्ध ढंग से नहीं पढ़ा रहे शिक्षक
बेमेतरा के सहायक संचालक एसके काठले ने कहा कि जिले के स्कूलों में पदस्थ शिक्षक योजनाबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम की तैयारी किए बिना ही पढ़ा रहे हैं। दैनिक दैनंदिनी का संधारण नहीं कर रहे हैं। वहीं बीते वर्षों में कक्षा पहली से लेकर आठवीें तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन की तरह उपर कक्षा में भेजने के कारण भी बच्चे कमजोर हुए हंै। बच्चों को परीक्षा में मूल्यांकन के आधार पर फैल या पास करने पर स्थिति बेहतर होती। स्कूलों की मानिटरिंग नहीं होना भी एक कारण है। विभाग के अधिकारियों के द्वारा सतत् मानिटरिंग नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। जिम्मेदार अपने कर्तव्य को दरकिनार कर सिर्फ अधिकार की बात करते हैं, यह भी एक बड़ा कारण है। भविष्य में इन सभी कारणों पर गौर किया जाएगा।

शिक्षकों की कमी और चुनाव के कारण प्रभावित हुई पढ़ाई
कलक्टर महादेव कावरे ने कहा कि कक्षा बारहवीं का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में सुधरा है। कक्षा दसवीं में परीक्षा परिणाम निराशाजनक है। जिले में शिक्षकों की कमी है। वहीं लगातार चुनाव होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई है। भविष्य में सुधार किया जाएगा। स्कूलों की सतत मानिटरिंग के लिए कार्ययोजना बनाएंगे। कक्षा दसवीं एवं बारहवीं में उत्तीर्ण होने वाले बच्चों को शुभकामनाएं।