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सरकार कह रही आधा होगा बिजली बिल, लेकिन यहां किसानों को थमा दिए 400 रुपए की जगह 44000 रुपए का बिल

विद्युत विभाग के चक्कर लगा रहे गांगपुर, लोलेसरा, बैजी, बहेरा सहित कई गांवों के उपभोक्ता, त्रुटि सुधारने का आवेदन देने पर विद्युत विभाग नहीं दे रहा ध्यान

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Bemetara Patrika

सरकार कह रही आधा होगा बिजली बिल, लेकिन यहां किसानों को थमा दिए 400 रुपए की जगह 44000 रुपए का बिल

बेमेतरा. एक ओर राज्य सरकार प्रदेशभर में किसानों और गरीबों सहित मध्यमवर्गीय परिवारों का बिजली बिल आधा किए जाने का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। जिले के गांगपुर, लोलेसरा, बैजी, बहेरा सहित कई ग्रामों के घरेलु कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को 5000 से लेकर 44000 रुपए का बिल बिजली विभाग ने दिया है। ग्रामीण इससे परेशान हैं। जितना बिल मीटर लगने के 10 वर्षों में नहीं पटाया है, उतना एक माह का बिल दिया गया है। उपभोक्ता बिल सुधरवाने कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। बिजली बिल हाफ की योजना का लाभ मिलने की बजाय उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल थमाया गया है।

जवाब नहीं दे रहे अधिकारी
ग्राम गांगपुर के लैनदास, रामसहाय वर्मा, कांशीराम वर्मा, प्रकाश वर्मा, मेलाराम वर्मा, भगवान यदु सहित कई ग्रामीण ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायत पर बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। संबंधित उपभोक्ता कारेसरा वितरण केन्द्र पहुंचे थे, जहा पर कारेसरा जेई घोष ने दो वर्ष के रिकॉर्ड देखकर बिल सुधारने की बात कही है पर बिल कम होने केा लेकर जवाब देने से अधिकारी बचते रहे हैं।

100 से लेकर अधिकतम 700 रुपए तक आता था बिजली बिल
प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि तीन से चार माह से गांव में स्पॉट बिलिंग शुरू हुई है, जिसके बाद से ही बिजली विभाग अनाप-शनाप बिल थम रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग अब तक हर माह बिजली बिल का भुगतान करते आ रहे हैं। अभी तक बिजली बिल 100 रुपए से लेकर अधिकतम 500-700 रुपए तक आ रहा है। लैनदास ने बताया कि उन्हें 44 हजार रुपए का बिल दिया गया है। रामसहाय वर्मा ने बताया कि उनको 10 हजार रुपए का बिल दिया गया।

दो पंखा और टीवी व चार बल्ब का करते हैं उपयोग
भगवान यदु ने बताया कि उनके यहां 2 पंखा, चार सीएफएल बल्व व 2 मोबाइल चार्जर का उपयोग होता है जिसका बिजली बिल 22 हजार रुपए दिया गया है, जब से मीटर लगवाया है, तब से अब तक कुल इतना बिल नहीं पटाया होगा। ज्यादा बिजली बिल वाले उपभोक्ताओं के ज्यादातर घरों में एक से दो पंखे, एक टीवी व तीन से चार बल्वों का उपयोग होता है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे घरों में कोई उद्योग धंधा नहीं चल रहा है, न ही हम लोग एसी, फ्रिज का उपयोग कर रहे हैं फिर भी विभाग अनाप-शनाप बिल दे रहा है। बिजली बिल हाफ करने के पहले ही विभाग ने उपभोक्ता को ज्यादा बिल थमाकर लूटना शुरू कर दिया है।

उपभोक्ताओं को करना होगा दिए गए बिल का भुगतान
इस संबंध में विद्युत कार्यालय कारेसरा के जेई अभितोष घोष ने कहा कि गांगपुर के ग्रामीणों की शिकायत मिली है। स्पॉट बिलिंग शुरू हुई है, जो पूर्व में ली गई रीडिंग और स्पॉट में ली गई रीडिंग के अंतर के बाद जितनी यूनिट खपत होगी, उसके हिसाब से बिल दिया गया है। उपभोक्ताओं ने खपत किया है, तभी रीडिंग ज्यादा आया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिल का भुगतान करना होगा। हां उपभेाक्ताओं की सुविधा के लिए बिल स्लेब में विभाजित कर लिया जाएगा।

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