
बेमेतरा. महाराष्ट्र के पुणे शहर के कोंढवा में 22 फीट ऊंची दीवार गिरने से मरने वालों में छत्तीसगढ़ के एक ही परिवार के चार लोग भी शामिल हैं। इसमें बेमेतरा जिले के ग्राम हाथाडाढू के पटेल दंपती भी शामिल है। बाकी दो लोग बलौदा बाजार जिले के ग्राम किरवई के निवासी हैं। मरने वालों में हाथाडाढू निवासी राधेलाल पटेल पिता रामनरेश (25) और उसकी पत्नी ममता पटेल शामिल हैं। इसके अलावा बलौदाबाजार निवासी परदेशनीन पटेल पति जेठूलाल (48) एवं जेठूलाल पटेल (50) भी शामिल हैं। ये दोनों रिश्ते में राधेलाल के सास और ससुर हैं।
ये सभी लोग कमाने खाने पुणे गए थे। वहां एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम कर रहे थे। सभी लोग वहां दीवार के सहारे बनाए गए अस्थायी घरों में सो रहे थे। रात में तेज बारिश के कारण 22 फीट ऊंची दीवार ढह गई। जिसमें दबने से 21 मजदूरों की मौत हो गई। इसमें चार बच्चे भी शामिल हैं। दो अन्य घायल हो गए हैं। हाथाडाढू के करीब 60 मजदूर काम महाराष्ट्र गए हुए हैं। ज्यादातर मजदूर बिहार के थे। मामले में पुणे की पुलिस ने दो भवन निर्माताओं कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। साथ ही दो बिल्डरों को गिरफ्तार कर लिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने दिए पांच लाख रुपए
महाराष्ट्र सरकार ने प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को पांच लाख सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दो लाख रुपए देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रकरण तैयार कर नियमानुसार मदद करेगा।
आठ माह पहले हुई थी राधेलाल और ममता की शादी
हाथाडाढू निवासी राधेलाल पटेल और बलौदा बाजार के किरवई गांव की निवासी ममता पटेल की शादी 8 माह पहले हुई थी। इसके बाद राधेलाल अपनी पत्नी को लेकर पिता रामनरेश के साथ कमाने खाने महाराष्ट्र चला गया था। राधेलाल के ससुर जेठूलाल पटेल पुणे के कोढवा में भवन निर्माण में राजमिस्त्री का काम करते है। जहां ममता पटेल गई हुई थी। जिसे लेने के लिए एक जुलाई को राधे अपने साइड में काम करने के बाद गया हुआ था। जहां वह रात में रुक गया था। लेकिन देर रात तेज बारिश में दीवार ढह गई और उसमें दबने से राधेलाल, ममता, परदेशीनीन बाई, जेठूलाल की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद गांव के गमगीन हैं।
नई दिल्ली के रास्ते आज रायपुर पहुंचेगा शव
बेमेतरा जिले के विकासखंड नवागढ़ के ग्राम हाथाडाढु के 2 श्रमिकों की दीवार ढहने से मौत हो गई। वे महाराष्ट्र के पुणे में अतिवृष्टि के कारण दीवार गिरने से हादसे का शिकार हुए। कलक्टर बेमेतरा महादेव कावरे ने घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पुणे से संपर्क कर मृतकों के शवों को छत्तीसगढ़ लाने के संबंध में चर्चा की। जिला प्रशासन पुणे के हवाले से कलक्टर ने बताया कि विमान से शव भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन पुणे व्हाया नई दिल्ली के रास्ते शव रायपुर लाया जाएगा।
नांदघाट के नायब तहसीलदार व पटवारियों का दल रायपुर रवाना
कलक्टर के निर्देश पर नांदघाट के नायब तहसीलदार रविन्द्र कुर्रे एवं पटवारियों का एक दल मृतक के परिजन को लेकर आज शाम रायपुर रवाना हो गया। रायपुर में रात्रि विश्राम करेंगे। 3 जुलाई को सुबह रायपुर शव आने की सूचना प्राप्त हुई है। कलक्टर ने बताया कि 3 जुलाई को सुबहे 7:30 बजे नई दिल्ली से स्वामी विवेकानन्द विमानतल रायपुर में शव आएगा। इसके बाद उनके परिजन की उपस्थिति में सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार उनका अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा।
कल बड़े भाई से की थी बात-कमलेश
मृतक राधेलाल के छोटे भाई कमलेश ने पत्रिका को बताया कि उसने सोमवार की सुबह अपने भाई से फोन पर बात की थी। तब राधेलाल ने उसे परिवार के सभी लोगों के ठीक रहने की जानकारी दी थी। साथ ही काम निपटाने के बाद भाभी को लेने के लिए जाने की बात कही थी। कमलेश अपने गांव हाथाडाढू में अपने नाना-नानी के साथ रहकर कक्षा आठवीं में पढ़ाई कर रहा है। भाई-भाभी की मौत की खबर लगने पर वह रोते-बिलखते घर पहुंचा। गांव के लोग उसे सांत्वना देने पहुचे थे।
गांव के 60 से अधिक लोग कमाने खाने गए
ग्राम पंचायत हाथाडाढु के सरंपच पेखन सिंह वर्मा ने बताया कि उसके गांव के राधेलाल पटेल अपने परिवार के साथ कमाने खाने पुणे गया था, जो हादसे का शिकार हो गया। उसके गांव के 60 से अधिक लोग रोजी मजदूरी के लिए पुणे गए हुए हंै। जिसका रिकॉर्ड पंचायत में रखा गया है। हादसे की खबर लगते ही गांव में शोक का माहौल है।
Published on:
03 Jul 2019 07:10 am
बड़ी खबरें
View Allबेमेतरा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
