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बड़ी खबर : सैकड़ों गायों की मौत के बाद खुली सरकार की नींद, अनुदान में की बढ़ोत्तरी

गायों की अच्छी तरह से देखभाल के लिए प्रदेश के गोशालाओं को अब मिलेगा अतिरिक्त अनुदान, प्रति गाय ३५ रुपए तक मिलेगा

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बड़ी खबर : सैकड़ों गायों की मौत के बाद खुली सरकार की नींद, अनुदान में की बढ़ोत्तरी

बेमेतरा . गोशालाओं में गायों की अच्छी तरह से देखभाल और रखरखाव हो इसके लिए राज्य शासन ने अनुदान राशि में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। अब गोशाला संचालकों को केन्द्र शासन के बराबर ३३ प्रतिशत यानी प्रति पशु प्रतिदन 35 रुपए के हिसाब से अनुदान मिलेगा। हालांकि मंत्रियों की तीन सदस्यीय कमेटी ने गोपालकों का ऋणभार कम करने सौंपी अपनी रिपोर्ट में ५० रुपए की अनुशंसा की थी, लेकिन सरकार ने प्रतिदिन ३५ रुपए तक अनुदान को मंजूर किया है।
पहले रोज मिल रहा था 25 रुपए
गौशालाओं में पशुओं का रखरखाव, चारा एवं पशु आहार, शेड की व्यवस्था, केयर टेकर, बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाओं के लिए अभी प्रतिदिन २५ रुपए के हिसाब से अनुदान दिया जाता है। तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल की समिति ने अनुदान की राशि में प्रति पशु ५० रुपए तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव पशुधन विकास विभाग को दिया, लेकिन पशुधन विकास विभाग एकमुश्त ५० रुपए की वृद्धि के लिए तैयार नहीं हुआ। पशुधन विकास विभाग ने अनुदान की राशि को ३५ रुपए तक बढ़ोतरी का सुझाव दिया। विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इसकी घोषणा भी की।
घटना के बाद बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी
७ अगस्त में दुर्ग और बेमेतरा जिले के गोशालाओं में गायों की मौत की घटना के बाद, मामले की जांच और गोशालाओं की स्थिति में सुधार के लिए नए नियम शर्तें बनाने के लिए तीन मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है। समिति ने पशुधन विकास विभाग के माध्यम से लोगों से गौशालाओं को बेहतर बनाने, गायों के रखरखाव और देखभाल के लिए सुझाव मंगाया। जिस पर लोगों ने पिछले तीन साल से अनुदान राशि में बढ़ोतरी नहीं किए जाने की शिकायत की थी। पशुओं की देखरेख के लिए कम से कम चार केयर टेकर रखने की जानकारी दी थी। पशु चारा और आहार को लेकर सबसे बड़ी समस्या हो होने, बिजली का बिल, शेड और चिकित्सा व्यवस्था में बड़ी राशि खर्च होने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर शासन ने अनुदान राशि में बढ़ोत्तरी की मांग की है।
आयोग के बजट में डेढ़ गुणा वृद्धि
समिति की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए शासन ने गो सेवा आयोग के बजट में डेढ़ गुणा किया है। पहले गो सेवा आयोग का बजट ८० लाख रुपए था। जिसे शासन ने बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया है। इससे यह माना जा रहा है कि शासकीय स्तर पर सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गोशाला संचालकों को इसी साल से अतिरिक्त अनुदान राशि मिलेगी। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेसर पटेल ने कहा कि तीन सदस्यीय कमेटी की अनुशंसा पर गोशालाओं को दी जाने वाली अनुदान में १० रुपए बढ़ोतरी की घोषणा की है। शासन स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संचालकों को प्रति गाय ३५ रुपए तक मिलेगा।