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मास्टर प्लॉन का खाका तैयार, बदलेगी शहर सहित 27 गांवों की सूरत

नए साल में शहर से जुड़े हुए जिले के 27 गांवों की सूरत नगर पालिका के मास्टर प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों से बदल जाएगी। 4-5 माह के भीतर मास्टर प्लान के तहत काम शुरू हो जाएगा।

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Satya Narayan Shukla

Jan 01, 2017

Master Plan drafted, would change the face of the

Master Plan drafted, would change the face of the city, including 27 villages

बेमेतरा.
नए साल में शहर से जुड़े हुए जिले के 27 गांवों की सूरत नगर पालिका के मास्टर प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों से बदल जाएगी। 4-5 माह के भीतर मास्टर प्लान के तहत काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद इन गांवों में कई विकास कार्य होंगे। मास्टर प्लान में नगर पालिका के अलावा आसपास के 27 गांवों को शामिल किया गया है। जिसमें भूमि उपयोगिता को लेकर मापदंड तय किया गया है। प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में से कुल आबादी 63660 होगा। जिसमें 44.83 फीसदी शहरी एवं 55.17 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र होगा।


योजना का लक्ष्य 2031

2031 का लक्ष्य रखकर योजना बनाया गया है। नए निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि उपयोग तथा नगर विकास के प्रस्ताव के साथ शहरी व अधोसंरचना व सेवा सुविधाओं के प्रस्ताव को शामिल किया गया है। जिससे नगर का विकास 15 साल तक सक्षम व सुचारु रूप से हो सके। बेमेतरा निवेश क्षेत्र में आवास के लिए 43 से 48 फीसदी वाणिज्य कार्यों के लिए 4 से 6 फीसदी भूमि, औद्योगिक के लिए 7 से 9 फीसदी भूमि, सार्वजनिक उपयोग के लिए 6 से 8 फीसदी, आमोद-प्रमोद के लिए 10 से 12 फीसदी, यातायात के लिए 10 से 12 फीसदी जमीन निर्धारित होगी।


गांवों की सुधरेगी दशा

विकास योजना में निवेश क्षेत्र में शामिल होने वाले गांवों में वर्तमान हालात में अपर्याप्त अधोसंरचना, अधोसंरचना के रखरखाव में कमी, ठोस अपशिष्ट एवं गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होना, भूजल पर ज्यादा निर्भर होना, सामाजिक अधोसंरचना का अपर्याप्त उपलब्धता, रोजगार व सूचना प्रसार का अभाव है। इन सभी स्थिति के निराकरण के लिए कार्ययोजना में समाधान के रास्तों को शामिल किया गया है। जिससे वर्तमान हालात सुधर सके। गांवों को आपस में जोड़ा जाएगा।


इन गांवों का बढ़ेगा कद

विकास योजना से बीजाभाट, फरी, कोबिया, सिंघौरी, मोहभट्ठा, गुनरबोड़, तेंदूभाठा, पिपरभट्ठा, चोरभट्ठी, तिलईकुड़ा, खिलोरा, ओटेबंद, कंतेली, हथमुड़ी, भुरकी, सिरवाबांधा, गांगपुर, लोलेसरा, बैजी, चारभाठा, ढोलिया, मजगांव, बिलाई, नवलपुर, मोहतरा व भोईनाभाठा को शामिल किया गया है। योजना में शामिल किए गए गांवों का कद प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बढ़ेगा। जिसके बाद 15 वर्षीय योजना में गांव की तस्वीर शहरीकरण में बदलेगी। बेमेतरा विकास योजना को लेकर शनिवार को कलक्टोरेट के सभाकक्ष में आपत्तियों
व सुझाव के लिए बैठक की गई। बैठक में सांसद ताम्रध्वज साहू, विधायक अवधेश
चंदेल मौजूद रहे। बैठक के दौरान आए प्रकरणों का प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत
किया जाएगा।


सांसद की मौजूदगी में कलक्टोरेट में हुई 157 दावा-आपत्तियों पर सुनवाई

शनिवार को नगर पालिका के लिए प्रस्तावित निवेश क्ष़ेत्र के लिए जारी कार्यवाही के तहत जिला कार्यालय के सभा कक्ष मे बैठक ली गई। जिसमें सांसद ताम्रध्वज साहू विधायक अवधेश चंदेल, नपा अध्यक्ष विजय सिन्हा, अविनाश तिवारी समेत आपत्तिकर्ता मौजूद रहे। सभी ने अपना-अपना पक्ष रखा। नगर निवेश विभाग के मास्टर प्लान प्रभारी जाहिद खान बताया कि 157 आपत्ति प्रस्तुत किया गया था। जिनमें उपस्थितों ने बात रखी। ज्यादातर मामले प्रकाशित किए गए भू उपयोग को लेकर था। जिसमें भूमि उपयोगिता को लेकर दिए गए सुझाव भी शामिल हैं।


जनप्रतिनिधियों ने भी रखी बातें

सुनवाई का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। नगर पालिका में आने वाले 4-5 महीने में मास्टर प्लान लागू होने की संभावना है। बताना होगा कि पूर्व में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा, शामिल ग्रामों के सरपंच, इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, काउंसिल अनुसरण में बेमेतरा निवेश क्षेत्र के वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र, रजिस्टर का प्रकाशन 5 अक्टूबर से 30 दिनों तक किया गया था। निर्धारित समयावधि में कुल 157 आपत्ति व सुझाव प्राप्त हुआ था। दावा-आपत्तियों की सुनवाई के दौरान मौजूद लोगों ने बैठक में मंाग किया कि जिला मुख्यालय में नगर निवेश विभाग का स्थाई कार्यालय खेाला जाए। जिससे जिलेवासियों की दुर्ग पर निर्भरता समाप्त हो सके।

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