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अस्पताल की ऑनलाइन सुविधाओं से जिलेवासी रह गए वंचित, अब सरकार ने वापस मांग ली राशि

निक्सी में पांच लाख जमा होने के दो साल बाद भी शुरू नहीं हुई सुविधा, पेपरलैस वर्क को बढ़ावा देने के साथ-साथ आवश्यक रिकॉर्ड अपडेट रखने के लिए पिछली सरकार ने शुरू की थी योजना

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Bemetara Patrika

अस्पताल की ऑनलाइन सुविधाओं से जिलेवासी रह गए वंचित, अब सरकार ने वापस मांग ली राशि

बेमेतरा . जिलावासियों को ई -हॉस्पिटल की सुविधा देने की योजना अधर में लटकती दिख रही है। सिविल सर्जन डॉ. एसके पाल ने बताया कि योजना को लेकर पूर्व में शासन से प्राप्त ७ लाख रुपए की राशि को वापस लौटाने के आदेश मिले हैं। वहीं ई हॉस्पिटल का सिस्टम इंस्टाल करने के लिए रायपुर एनआइसीएसआइ (निक्सी) के खाते में दो साल पहले 5 लाख 16 हजार रुपए जमा कराए गए थे।

नई सरकार के आगामी आदेश पर निर्भर है योजना का भविष्य
अस्पताल प्रबंधन की ओर से रायपुर निक्सी को अस्पताल मे सिस्टम डेव्लप करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। बावजूद निक्सी की ओर से अस्पताल में ई हॉस्पिटल का सिस्टम डेव्लहप नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में योजना का भविष्य नई सरकार के आगामी आदेश पर निर्भर करेगा। राशि जमा होने के दो साल बाद भी जिलावासियों को ई हॉस्पिटल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीज डॉक्टर से मिलनेे घर बैठे ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। अब जिलावासियों को योजना शुरू होने का इंतजार रहेगा।

यूरोपियन यूनियन स्टेट पार्टनरशिप की मदद से ई हॉस्पिटल की योजना शुरू
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यूरोपियन यूनियन स्टेट पार्टनरशिप की मदद से जिला अस्पताल में ई-हॉस्पिटल का सिस्टम डेवलप किया जाना है। जानकारी के अनुसार पंजीयन काउंटर में महिला, पुरुष व दिव्यांग के लिए अलग-अलग सिस्टम इंस्टाल किया जाएगा। इसके अलावा लेबर वार्ड, जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड व ब्लड बैंक में भी कम्प्यूटर सिस्टम लगाए जाने थे।

कंप्यूटर में दर्ज होती मरीज के इलाज की पूरी जानकारी
इस सुविधा से पंजीयन, अपाइंटमेंट, ब्लड बैंक, ओपीडी से भर्ती मरीज, डिस्चार्ज आदि जानकारियां ऑनलाइन होगी। बताया गया कि रजिस्ट्रेशन में मरीजों को यूनिक नंबर दिया जाएगा। इस नंबर के जरिए डॉक्टर को कंप्यूटर पर मरीज की पूरी रिपोर्ट व पूर्व में चले इलाज की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन जमा कर काउंटर से मरीज को रसीद उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं मरीज के इलाज के सभी प्रकार के भुगतान एक ही काउंटर में जमा होंगे।

जानकारियां होगी ऑनलाइन, पेपर लेस वर्क को मिलेगा बढ़ावा
जिला अस्पताल में यह सिस्टम डेवलप होने से पेपरलेस वर्क को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आवश्यक रिकॉर्ड अपडेट रहेंगे। बताया गया कि जिला अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार एनआइसी रायपुर द्वारा सात कंप्यूटर सिस्टम विभिन्न शाखाओं मे इंस्टाल किए जाने थे। यह एक महत्वपूर्ण योजना थी। ई-हॉस्पिटल की सुविधा शुरू होने से आवश्यक जानकारियां ऑनलाइन होने के साथ-साथ मरीजों की सुविधाओं में विस्तार होगा।

घर बैठे पंजीयन की मिलती सुविधा, अब करना होगा इंतजार
मंगलवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे बेमेतरा के वार्ड 19 निवासी मोहन वर्मा ने बताया कि उसके पिता पूरण वर्मा पेट दर्द की बीमारी से परेशान हैं। पंजीयन में काफी देर लगने की वजह से उपचार में विलंब होता है। ऐसे में ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा शुरू होने से घर बैठे पंजीयन करा सकेंगे। शहर के मोहभ_ा वार्ड निवासी गणेश यादव ने बताया कि उसकी पत्नी 7 महीने की गर्भवती है। पंजीयन में विलंब से काफी परेशानी होती है।

इस साल हुए ओपीडी, आइपीडी एवं लैब टेस्ट
इस साल जिला अस्पताल में इलाज के लिए कुल 99080 लोगों ने पंजीयन कराया। जिसमें से बाह्य रोगी विभाग पंजीयन (ओपीडी) में 50895, आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) में 3000 और लैब टेस्ट के लिए 45185 लोगों ने पंजीयन कराया है।

शासन के आगामी आदेश का है इंतजार
बेमेतरा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसके पाल ने कहा कि जिला अस्पताल में ई हॉस्पिटल की सुविधा शुरू करने के लिए दो साल पहले रायपुर एनआइसीएसआइ के खाते में आवश्यक राशि जमा किया गया था। सुविधा शुरू करने के लिए रायपुर निक्सी को कई बार पत्र भी लिखा गया है, लेकिन अब शासन ने राशि वापस मांगी है। शासन के द्वारा राशि वापस मांग लेने से योजना अधर में लटक गई है। इस मामले में अब शासन के आगामी आदेश का इंतजार है। जिलेवासियों को ई-हॉस्पिटल की सुविधा कब शुरू होगी यह बता पाना मुश्किल है।

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