
अपहृत बालिका भीलवाड़ा से दस्तयाब
बेमेतरा. नाबालिग से दुराचार के मामले में आरोपी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश ममता पटेल ने सुनाया। दो अलग-अलग धाराओं में 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पीडि़ता को एक लाख देने की अनुशंसा
न्यायालय ने कहा कि पीडि़ता शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडि़त होने के साथ ही उसे सामाजिक एवं आर्थिक रूप से क्षति पहुंची है। न्यायालय ने पीडि़ता को क्षतिपूर्ति योजना के तहत पुनर्वास के लिए एक लाख रुपए प्रतिकर राशि देने की भी अनुशंसा की है।
नांदघाट थाना के ग्राम अमोरा में हुई घटना
प्रकरण के अनुसार घटना 20 जून 2017 को नांदघाट थाना क्षेत्र के ग्राम अमोरा की है। 11 वर्षीय नाबालिग अपने गांव खार में दोपहर 3 बजे बकरी चराने गई थी। ग्राम के ही विनोद पाटले (21) ने उसे अकेले पाकर उससे जोर जबरदस्ती की। नाबालिग ने उसकी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीडि़त की मां ने अपने पति के साथ नांदघाट थाने पहुंच कर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई।
पुलिस ने लगाई 376 व पॉक्सो एक्ट की धारा
पुलिस ने धारा 376 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 8 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 10-10 साल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी होगी। नाबालिग की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक सूरज कुमार मिश्रा ने की।
Published on:
30 Jan 2019 07:20 am

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