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आर्गेनिक खाद के नाम पर जिले के किसानों से हजारों रुपए की ठगी

निजी कंपनी के एजेंटों ने खाद-बीज के लिए एडवांस में जमा करा ली राशि और अब फोन भी नहीं उठा रहे

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Bemetara Patrika

आर्गेनिक खाद के नाम पर जिले के किसानों से हजारों रुपए की ठगी

बेमेतरा . जिले के किसान एक बार फिर खेती-किसानी के नाम पर ठगी का शिकार हो रहे हंै। निजी कंपनी के एजेंट आर्गेनिक खेती के नाम पर जिले के गांवों में सर्वे कर किसानों को अच्छी फसल का सब्जबाग दिखाकर चपत लगा रहे हैं। उन्नत किस्म के बीज व जैविक खाद देने के नाम पर एजेंट किसानों को ***** बना रहे हैं। लगभग 20 दिन पूर्व एजेंटों ने छिरहा क्षेत्र के कई गांव में किसानों को हरियाणा से जैविक डीएपी खाद, निंदानाशक व उन्नत बीज देने की बात कहकर झांसे में लेते हुए बतौर एडवांस हजारों रुपए की चपत लगाई है। खाद व बीज की सप्लाई करने की बात कही गई थी लेकिन अब तक न खाद-बीज की सप्लाई हुई है और न एजेंट फोन उठा रहे हैं। ऐसे में किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

किसी को 2 हजार तो किसी को 4 हजार रुपए की लगी चपत
पत्रिका पड़ताल में पता चला है कि छिरहा के आसपास के गांव गांगपुर, जंगलपुर, सोनपुरी में किसान ठगी के शिकार हुए हैं। लगभग 20 दिन पूर्व आये निजी कंपनी के एजेंटों ने आसपास के गांव के कई किसानों को हरियाणा की कम्पनी के द्वारा जैविक खाद व उन्नत किस्म के बीज की सप्लाई करने कि बात कहते हुए सर्वे कर किसानों से खेती के हिसाब से बुकिंग करते हुए किसी से 2 हजार तो किसी से 4 हजार लेकर खाद बीज की सप्लाई 25 जून तक करने की बात कही थी, जो अब तक नहीं पहुंची है। अब तो एजेंट फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

स्कीम में फंसे किसान
ग्राम जंगलपुर के किसान सोनसिंह, सोनपुरी के खड़ानंद सिंह वर्मा ने बताया कि निजी कंपनी के एजेंटों ने जैविक डीएपी खाद देने के नाम पर ठगी की है। किसानों को दो बोरी जैविक डीएपी जिसका मूल्य प्रति बोरी 1150 रुपए बताया गया था की खरीदी करने पर साथ में 1 एकड़ के लिए 1 पैकेट निंदानाशक दवाई देने की बात कही गई थी। वहीं ं6 बोरी जैविक डीएपी खाद की खरीदी करने पर 3 पैकेट निंदानाशक एवं 3 एकड़ के लिए धान का बीज देने की बात कहकर किसानों से एडवांस बुकिंग कर किसी से 1200 सेे लेकर 36 00 रुपए तक लेकर बचत राशि सामान सप्लाई करते समय देने की बात कह गए और सामान की आपूर्ति 25 जून तक करने की बात कही गई थी, जो अभी तक नहीं आया है। अब एजेंट भी फोन नहीं उठा रहे हैं।

एजेंटों ने हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ सरकार में एग्रीमेंट होने का दिया झांसा
ग्राम गांगपुर छिरहा के किसान छत्रपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि एजेंटों ने हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ सरकार से एग्रीमेंट होने की बात कही थी। किसंांनोंं ने सोंचा कि सरकार से एग्रीमेंट है, तो सरकार किसानों के हित में काम कर रही है, ऐसे में इनका लाभ लिया जाए और ंिकसान एजेंटों के झांसे में आ गए। एजेंटों ने किसानों से एडवांस बुकिंग लेते समय किसानों के साथ फोटो भी खींची। इसके बाद दूसरे गांव के किसानों को दिखाते हुए यह बताया कि वहां के अमुक किसान ने खाद व बीज की बुकिंग कराई है और वह पहले भी खाद का उपयोग कर फसलों की अच्छी पैदावरी ले चुके हैं। दूसरे गांव के बड़े व उन्नत किसानों की फोटो देखकर गांव के छोटे-बड़े किसान भी झांसे में आ गए। अब न एजेंट आ रहे है न ही फोन उठा रहे हैं।

नवागढ़ में ब्रांच और मुंगेली व बिलासपुर में हेड ऑफिस होने की बात कही
पीडि़त किसानों ने बताया कि निजी कंपनी के एजेंटों ने अपनी कंपनी की ब्रांच ऑफिस नवागढ़ और हेड ऑफिस मुंगेली व बिलासपुर में होने की बात कही थी। साथ ही खाद व बीज का स्टॉक यहीं रखे होने और यहीं से आपूर्ति करने की बात कही थी। समय बीत जाने व एजेंटो के द्वारा फोन नहीं उठाए जाने से किसानों को अपने ठगे जाने का एहसास हुआ है। वहीं नवागढ़ जाने के बाद ऑफिस नजर नहीं आया।

किसान मित्र से सहयोग लें किसान
इस संबंध में बेमेतरा कृषि उपसंचालक हरि सिंग राजपूत ने कहा कि आपके माध्यम से जानकारी हो रही है। किसानों को इस तरह के झांसे में नहीं आना चाहिए। किसानों के द्वारा लिखित में शिकायत करने पर मामले की जांच कराई जाएगी। ज्ञात हो कि कृषि विभाग ने प्रत्येक गांव में किसानों की मदद व सलाह के लिए एक किसान मित्र रखा है। साथ ही समय-समय पर ग्रामसेवकों के द्वारा खेती-किसानी व शासन के योजनाओं के सिलसिले में जानकारी दी जाती है। ऐसे में किसान किसी बाहरी एजेंट के बहकावे में न आएं और अपनी परंपरागत जैविक खाद का उपयोग करते हुए फसल की अच्छी पैदावारी लें।

कई बार ठगे जा चुके है जिले के किसान
जिले के किसान पूर्व में भी हर्बल खेती, जैविक खाद, काला चावल व काला गेहूं के नाम पर ठगी के शिकार हो चुके हैं। जिले के किसानों को जैविक खाद के नाम पर करोड़ों रुपए का प्रॉम खाद सहकारी समितियों में थमाया गया था। जिसमें किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ताजा मामले में शासन से अनुबंध होने के नाम पर गावों में घूम-घूमकर जैविक खाद व अन्य उत्पाद और स्कीम का लालच देकर शिकार बनाया जा रहा है। इस मामले में आने वाले समय में और खुलासा होने के आसार हैं।

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