नए फिल्टर प्लांट में रविवार सुबह २४० एचपी की मोटर में प्लास्टिक की फुटबॉल फंस जाने से शहर की पेयजल सप्लाई व्यवस्था ठप हो गई।
बैतूल। नए फिल्टर प्लांट में रविवार सुबह २४० एचपी की मोटर में प्लास्टिक की फुटबॉल फंस जाने से शहर की पेयजल सप्लाई व्यवस्था ठप हो गई। देर शाम को मोटर के एमपुलर में फंसी फुटबाल निकाला गया। जिसके बाद सप्लाई शुरू हो सकी। नए फिल्टर प्लांट में २४० एचपी की तीन नई मोटरें लगी है। इनमें से दो नंबर मोटर फाल्ट होने की वजह से खराब पड़ी हैं। जबकि तीन नंबर मोटर कई महीनों से चालू नहीं होने के कारण धुआं छोडऩे लगी थी। जिसे बाद में ग्रीसिंग कर चालू किया गया। जबकि पहले नंबर की मोटर जिससे शहर में पेयजल की सप्लाई की जाती है वह आज सुबह एमपुलर में फुटबाल फंसने की वजह से बंद हो गई थी। चूंकि मोटरें कब सुधर पाती इसे देखते हुए नगरपालिका द्वारा नए फिल्टर प्लांट के क्लीयर वॉटर टैंक से पानी पुराने फिल्टर प्लांट के टैंक छोडऩा शुरू कर दिया था ताकि पुराने फिल्टर प्लांट से शहर में सप्लाई शुरू की जा सके लेकिन देर शाम को मोटर सुधरने के बाद नए प्लांट से सप्लाई पुन: शुरू कर दी गई।
एमपुलर में फंसी थी फुटबाल
नए फिल्टर प्लांट में पानी का स्तर मापने के लिए टंैक के अंदर प्लास्टिक की फुटबालें लगाई गई है। यह फुटबाल छूटकर पाइप लाइन के अंदर से होते हुए २४० एचपी की मोटर के एमपुलर में पहुंच गई थी। जिससे मोटर ने पानी खींचना बंद कर दिया था। अचानक मोटर के खराब होने से कर्मचारी भी परेशान हो गए थे। इसकी सूचना कर्मचारियों द्वारा गोंडवाना इंजीनियरिंग कंपनी के अधिकारियों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे कंपनी के अधिकारियों द्वारा एमपुलर को खुलवाया गया, लेकिन जगह नहीं होने के कारण फुटबाल को नहीं निकाला जा सका। जिसके बाद एमपुलर से जुड़े पाइप को खोला गया और फुटबाल को बाहर निकाला गया। एमपुलर में फुटबाल के फंसे होने से उसके कई टुकड़े हो गए थे। जिसे साफ करने के बाद वापस जोड़ दिया गया। देर शाम को पुन: टंकियों को भरने के लिए फिल्टर प्लांट से सप्लाई शुरू की गई। बताया गया कि दो नंबर की २४० एचपी की एक मोटर शार्ट होने की वजह से खराब पड़ी है। जबकि तीन नंबर मोटर काफी समय से बंद होने के कारण चालू नहीं हो पा रही थी जिससे भी सुधार लिए जाने की बात कहीं जा रही है। फिल्टर प्लांट में आए दिन मशीनों में खराबी की वजह से पेयजल सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।