
भोपाल/बैतूल। क्या आपने कभी 4 पैरों वाली मुर्गी देखी है? कई लोगों ने इस बारे में सुना तक नहीं होगा, लेकिन आज पत्रिका मध्यप्रदेश आपको एक ऐसी मुर्गी के बारे में बताएगा और दिखाएगा भी, जिसके हकीकत में चार पैर हैँ। ये हैरान कर देने वाली घटना बैतूल में सामने आई है, जहां पर एक ऐसी मुर्गी ने जन्म लिया है, जिसके एक दो या तीन नहीं बल्कि चार चार पैर हैं। ये मुर्गी हफ्ते भर से ज्यादा की हो चुकी है और आस पास के इलाकों से इस देखने आने वालों की भीड़ लगी हुई है।
इस अनोखी मुर्गी ने जन्म लिया बैतूल के किदवई वार्ड में रहने वाले जावेद अली के घर में। जावेद अली मुर्गी पालन का व्यवसाय करते हैं। लगभग हफ्ते भर पहले उनके घर में कुछ अण्डों में से चूजे बाहर निकले। सभी चूजों की स्थिति को जांचते समय जावेद अली को एक चूजा काफी अजीब सा नजर आया। ये चूजे चल रहा था, लेकिन इसके पैर हवा में थे। ये नजारा देखकर जावेद अली हैरान रह गए। चूजे को पकड़कर जब ध्यान से देखा गया तो पता चला कि चूजा दो पैरों पर चल रहा था, जबकि इसके बाकी के दो पैर पीछे की तरफ से हवा में ऊपर उठे हुए थे।
जल्द ही जावेद अली के फॉर्म पर जन्मे इस चूजे की खबर शहर भर में फैल गई। जिसने भी इस चूजे के बारे में सुना वो उसे देखने के लिए उत्सुक नजर आया। इस बारे में खुद जावेद अली का कहना है कि वे कई सालों से मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी इस तरह की मुर्गी नहीं देखी जिसके दो नहीं बल्कि चार पैर हैं।
जावेद का कहना है कि ये मुर्गी अपने आप में अनोखी है। वहीं कीमत के बारे में सवाल करने पर जावेद कहते हैं कि अभी तो ये काफी छोटी है, इसलिए इसकी कीमत के बारे में क्या कहा जाए, लेकिन चार पैरों वाली इस मुर्गी की कीमत 15 हजार से ज्यादा ही बैठेगी। जावेद बताते हैं कि इस मुर्गी के लिए सर्कस वाले भी उनके पास आए थे। लेकिन जावेद ने उन्हें ये मुर्गी देने से इंकार कर दिया। जावेद का कहना था कि वे ये मुर्गी फिलहाल खुद ही पालेंगे।
क्या वाकई चमत्कार है चार पैरों वाली मुर्गी
बेशक चार पैरों वाली ये मुर्गी अपने आप में अनोखी है और इसे देखकर लोग हैरान भी हैं। लेकिन इस बारे में मेडिकल साइंस कुछ और ही कहती है। प्राणीशास्त्री कमलेश अहिरवार का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्राणी विज्ञान में कोई अजूबा नहीं हैं। हां, ये सही बात है कि इस तरह की चीजें कम ही देखने को मिलती हैं, लेकिन ऐसा होना सम्भव है।
डॉक्टर्स बताते हैं कि जेनेटिक डीफारमेटिव यानि आनुवांशिक विकृति की वजह से ऐसा हुआ होगा। ऐसी अवस्था को पॉलीमेलिया कहा जाता है। यह बात मुर्गी, बतख के साथ-साथ बकरी व गायों में भी देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि चूंकि यह मामला सिर्फ पैर से जुड़ा है, इसलिए चूजा औसत आयु तक जी सकता है। यदि ये विकृति पेट या हृदय के क्षेत्र में होती तो उसका जीवन ज्यादा दिन का नहीं होता।
Published on:
15 Jan 2018 06:19 pm
बड़ी खबरें
View Allबेतुल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
