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गौठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड का सीएमओ ने किया निरीक्षण, ठेकेदार को 10 दिन में कचरा हटाने के निर्देश

-रहवासियों के विरोध के बाद तेज हुई कार्रवाई, 10 हजार टन कचरा अब भी मौजूद, नपा की ट्रॉमेल मशीन पहुंची पर इंस्टॉलेशन बाकी बैतूल। गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय रहवासियों के विरोध के बाद नगरपालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे […]

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-रहवासियों के विरोध के बाद तेज हुई कार्रवाई, 10 हजार टन कचरा अब भी मौजूद, नपा की ट्रॉमेल मशीन पहुंची पर इंस्टॉलेशन बाकी

बैतूल। गौठाना स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय रहवासियों के विरोध के बाद नगरपालिका प्रशासन सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे ने ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कचरा निष्पादन कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। इस दौरान संबंधित ठेकेदार को मौके पर बुलाकर शेष कचरा 10 दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि दो दिन पहले क्षेत्र के रहवासियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। रहवासियों ने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद नगरपालिका द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया।
धीमी गति से चल रहा कचरा निष्पादन कार्य
जानकारी के अनुसार गुडग़ांव की ईको स्टैंड कंपनी द्वारा ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जा रहा है, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण अभी तक पूरा कचरा नहीं हट सका है। नगरपालिका के मुताबिक टेंडर में 26 हजार 972 वर्ग मीटर क्षेत्र को कचरा मुक्त किया जाना था, लेकिन कंपनी ने केवल 133 टन कचरे का ढेर हटाया। इसके बाद भी जमीन में पुराना कचरा मौजूद रहा और नया कचरा भी जमा होता रहा।
10 हजार टन कचरा अब भी मौजूद
वर्तमान में ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगभग 700 टन आरडीएफ (सूखा कचरा) और करीब 9500 टन लेगेसी वेस्ट मौजूद है। इस प्रकार करीब 10 हजार टन कचरा अभी भी साइट पर पड़ा हुआ है। नगरपालिका ने अब शेष कचरा हटाने के लिए उसी कंपनी को अतिरिक्त 10 प्रतिशत कार्य बढ़ाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रॉमेल मशीन पहुंची, लगना बाकी
नगरपालिका ने कचरे के पृथक्कीकरण के लिए ट्रॉमेल मशीन का टेंडर किया था। यह मशीन बैतूल पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक इसका इंस्टॉलेशन नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन स्थापित होने के बाद प्रतिदिन कचरे का पृथक्कीकरण किया जा सकेगा और निजी एजेंसियों पर निर्भरता कम होगी। बताया गया कि ट्रॉमेल मशीन एक घूमने वाला जालीदार ड्रम होता है, जो कचरे को आकार के आधार पर अलग करता है। इससे मिट्टी और छोटे कण नीचे गिर जाते हैं और शेष सामग्री को कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से अलग होती है।
नई जगह की तलाश जारी
ट्रेंचिंग ग्राउंड को गौठाना से अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए नगरपालिका द्वारा शहर के आसपास वैकल्पिक जमीन की तलाश की जा रही है। सीएमओ के अनुसार चार से पांच स्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है और जल्द ही एक स्थान का चयन किया जाएगा, हालांकि इस प्रक्रिया में अभी समय लग सकता है। इधर, स्थानीय लोगों के विरोध के कारण नगरपालिका गौठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्रस्तावित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट भी स्थापित नहीं कर पा रही है, जबकि प्लांट के लिए मशीनें पहले ही पहुंच चुकी हैं। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो स्थानीय लोगों द्वारा पुन: विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना जताई जा रही है। नगरपालिका के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कचरे का समय पर निष्पादन करने और स्थानीय लोगों की नाराजगी को दूर करने की है।
इनका कहना

  • ट्रेंङ्क्षचग ग्राउंड का मेरे द्वारा निरीक्षण कर मौके पर ठेकेदार को तलब किया गया था। ठेकेदार को दस टन कचरे का जल्द निपटान करने के निर्देश दिए हैं। कचरे का जो बड़ा ढेर हैं उसे दस दिन में हटाने के लिए कहा गया है। ट्रामेल मशीन भी पहुंच चुकी है। ट्रेंङ्क्षचग ग्राउंड के लिए नई जमीन की तलाश भी कर रहे हैं।
  • नवनीत पांडे, सीएमओ नगरपालिका बैतूल।