
दो फायर ब्रिगेड रिटायर, दो से चला रहे काम, क्विक रिस्पांस व्हीकल भी खराब
बैतूल. गर्मी का सीजन शुरू होने के साथ ही जिले में आगजनी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में फायर ब्रिगेड fire brigades का काम भी बढ़ गया है। देखा जाए तो 16 लाख की आबादी वाले जिले में गिनती की फायर ब्रिगेड ही मौजूद हैं। वैसे शासन ने कुछ नगर परिषदों को नई फायर ब्रिगेड दी हैं लेकिन इसके बाद भी पर्याप्त संख्या में दमकल वाहन नहीं है। मुलताई व प्रभातपट्टन में कुल 69 पंचायतें आती है जिनमें 200 से अधिक गांव हैं, लेकिन दो फायर ब्रिगेड fire brigades ही मौजूद हैं। इसी प्रकार आमला में एयरफोस की 5 और नगरपालिका की 2 फायर ब्रिगेड है जिनके भरोसे 68 पंचायतों के 250 के लगभग गांव है। घोड़ाडोंगरी, शाहपुर में एक-एक फायर ब्रिगेड मौजूद हैं। वहीं भैंसदेही और आठनेर में दो-दो फायर ब्रिगेड होना बताया जाता है। सवा लाख की आबादी वाले बैतूल शहर के लिए नगरपालिका के पास आधुनिक क्विक रिस्पांस व्हीकल सहित चार fire brigades मौजूद हैं, लेकिन इनमें से वर्तमान में सिर्फ दो फायर ब्रिगेड की चालू हालत में है, जबकि दो फायर ब्रिगेड पुरानी होने के कारण इनका उपयोग अब नहीं किया जाता। वहीं कोरोना संक्रमण काल के दौरान सैनिटाइजर का छिडक़ाव किए जाने के कारण क्विक रिस्पांस व्हीकल भी खराब पड़ा है। जिसे सुधारने की जहमत नगरपालिका द्वारा अभी तक नहीं उठाई गई है। जबकि गर्मी का सीजन शुरू होते ही आगजनी की घटनाएं जिले में तेजी से बढऩे लगी है। स्थिति यह है कि नगरपालिका की यदि दोनों फायर ब्रिगेड आग बुझाने के लिए शहर से बाहर चले जाए तो शहर में हादसे के दौरान त्वरित सहायता मिलना मुश्किल हो जाएगा।
मुख्यालय पर ही फायर ब्रिगेड के हालत खस्ताहाल
नगरपालिका के पास कुल पांच फायर ब्रिगेड मौजूद हैं। जो कैंपस में ही खड़ी रहती है लेकिन इनमें से चालू हालत में सिर्फ दो ही है। जबकि दो फायर ब्रिगेड पुरानी होने के कारण रिटायर हो चुकी है। कोरोना संक्रमण काल में सैनिटाइजर का छिडक़ाव किए जाने के कारण आधुनिक क्विक रिस्पांस व्हीकल भी खराब हो चुका हैं जिसे अभी तक सुधार नहीं गया है। ऐसे में नगरपालिका सिर्फ दो फायर ब्रिगेड के भरोसे चल रही है। जबकि आगजनी की घटना के दौरान बैतूल से fire brigades 50 से 60 किमी तक जाती है। वर्तमान में गर्मी का सीजन होने के कारण खेतों में आगजनी की घटनाएं काफी बढ़ गई है। जिसके कारण फायर ब्रिगेड को हमेशा तैयार रहना पड़ता है।
इनका कहना
जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पहले ही मैंने निर्देश जारी कर दिए हैं। पंचायतों को 15वें वित्त की राशि से पंप खरीदकर टैंकरों को फायर फाइटर बनाने के लिए कहा गया है। नगरपालिका को भी निर्देशित किया है कि वे फायर ब्रिगेड को चालू रखें।
- अमनबीर सिंह बैंस, कलेक्टर
आगजनी की घटनाओं पर त्वरित नहीं मिलती सहायता
जिले की नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों के पास फायर ब्रिगेडों की कमी को देखते हुए पूर्व कलेक्टर शशांक मिश्र ने पंचायतों के पास मौजूद टैंकरों में मोटर पंप लगाकर इन्हें फायर फाइटर बनाया था। ताकि फायर ब्रिगेड से पहले पहुंचकर फायर फाइटर आग को काबू कर सके। इस नवाचार को सभी पंचातयों के लिए लागू किया गया लेकिन अब यह फायर फाइटर कहीं नजर नहीं आते हैं। हालांकि नवागत कलेक्टर ने पुन: पंचायतों को निर्देशित किया है कि वे १५वें वित्त की राशि से पंप खरीदकर टैंकरों को फायर फाइटर के रूप में तैयार करें ताकि उनका उपयोग आगजनी की घटनाओं के दौरान किया जा सके।
Published on:
03 Apr 2022 12:22 am
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