
भोपाल। सीबीआइ की विशेष अदालत ने व्यापमं फर्जीवाड़े के केस में बैतूल जिले की मुलताई के बीएमओ रहे डॉ. पल्लव अमृतफले को सात साल की सजा और 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। सीबीआइ जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी डॉ. अमृतफले ने वर्ष 2009 में अपने स्थान पर सॉल्वर को बैठाकर पीएमटी की परीक्षा उत्तीर्ण की और रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया।
डॉ. अमृतफले ने इसी कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री और बाद में सरकारी नौकरी हासिल की। बता दें कि व्यापमं फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद एसटीएफ को जांच सौंपी गई थी। प्रकरण की जांच एसटीएफ थाना प्रभारी सुभाष दरश्यामकर और प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक सुनील श्रीवास्तव ने की।
दरअसल पूर्व बीएमओ मुलताई (बैतूल) आरोपी डॉ. पल्लव अमृतफले के खिलाफ थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध दर्ज किया गया था। अमृतफले के खिलाफ 37/19 धारा 419, 420, 467, 468, 471,120-बी भादवि के तहत केस दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी डॉ. पल्लव अमृतफले ने व्यापम की ओर से आयोजित पीएमटी परीक्षा 2009 में अपने स्थान पर साल्वर को बैठाकर परीक्षा पास की।
इसी आधार पर श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा में एडमिशन लिया और एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले की सुनवाई में मंगलवार को नवम अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सीबीआई भोपाल ने अमृतफले को दोषी पाया।
कोर्ट ने इन मामलों में सुनाई सजा
दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने दोषी अमृकफले को धारा 419 सहपठित धारा 120 बी में 2 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना, धारा 420 सहपठित धारा 120-बी में 2 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना, धारा 467 सहपठित धारा 120-बी में 7 वर्ष सश्रम कारावास और 3000 रुपए जुर्माना, धारा 468 सहपठित धारा 120-बी में 7 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना, धारा 471 सहपठित धारा 120 बी में 7 वर्ष सश्रम कारावास और 3000 रुपए जुर्माना, मध्यप्रदेश परीक्षा अधिनियम की धारा 3 घ (1) (2) में 2 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माना से दंडित किया है।
Published on:
31 Jan 2023 08:31 pm
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