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अतिथि विद्वान नियमितिकरण की मांग को लेकर लामबंद हुए

रैली निकालकर कलेक्ट्रेट के सामने किया धरना प्रदर्शन

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बेतुल

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Ashok Waiker

Feb 10, 2018

 Memorandum handed over demand for regularization

Memorandum handed over demand for regularization


बैतूल। शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षकों के बाद अब नियमितिकरण को लेकर लाबंध हो गए है। शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षण कार्य कर रहे अतिथि विद्वानों ने अतिथि विद्वान एकता संघ के बैनर तले नियमितिकरण की मांग को लेकर कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। अतिथि विद्वानों ने जेएच कॉलेज से कलेक्ट्रेक्ट कार्यालय तक रैली निकालकर नियमितिकरण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वह 15-20 वर्ष से मप्र उच्च शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे है, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने लोक सेवा आयोग मप्र शासन द्वारा सहायक प्राध्यापक की भर्ती परीक्षा का विरोध करते हुए निरस्तीकरण की मांग की है। संघ के विनय राठौर ने बताया कि हमारे द्वारा शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी के पदों के विरूद्ध वर्षो से अतिथि विद्वान के रूप में सेवाएं दी जा रही है। जिसके बाद भी सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों का शोषण किया जा रहा है। डॉ नीरज गुप्ता ने बताया कि जिले में संचालित १० शासकीय महाविद्यालय में करीब १२० अतिथि विद्वान अपनी सेवाएं दे रहे है। अतिथि विद्वानों को शासन द्वारा प्रतिकाल खंड के हिसाब से पारिश्रमिक दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कई कॉलेजों में कक्षाएं और छात्र कम होने के कारण अतिथि विद्वानों को कम पारिश्रमिक मिल रहा है। ऐसे में बाहर से आकर पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों का जीवन यापन करने में परेशानी हो रही है।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. विनय राठौर, विनोद अड़लक, विनोद यादव, ममता राजपूत, कल्पना बिसंद्रे, मीनाक्षी ठाकुर, कु. भावना झोड़, सतीष ठाकरे, साहेबराव झरबड़े, ममता कुशवाह, डॉ हरिश लोखंडे, डॉ. दुर्गा मीणा, किरण खातरकर, दीपक सिंह कौशल, मोतीराम लिखितकर, अलकेश धाकड़, कल्पना बारस्कर, निशा सोनी, डॉ. शिवदयाल साहू, पंचम कवड़े, नरेन्द्र नागले, सतीष महाते, विशाल खंडागले, अरूणा ढांढोले, महेन्द्र पाटिल, शक्ति भट्ट, प्रमोद गाठे, शाबिर खान, दिनेश लिखितकर, सुरेश विमल, विनोद बागड़े, रविन्द्र संभारे, नीरज गुप्ता, कमलेश देवकते, सुरेन्द्र जीतपुरे, कृष्णा लहरपुरे सहित अन्य अतिथि विद्वान उपस्थित रहे।