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बारिश में भी नर्मदा नदी से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन

- सरकार के प्रतिबंध के बाद भी माफियाओं का चल रहा रेत निकालने का खेल
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बैतूल

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Rakesh Kumar Malviya

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Updated: 11 Jul 2023, 9:11 PM IST

बारिश में भी नर्मदा नदी से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन

हरदा. जिले के छीपानेर गांव की नर्मदा नदी पर इस तरह किया जा रहा है रेत का अवैध उत्खनन।

हरदा. जिले में खनिज माफियाओं ने जहां पूरे गर्मी के सीजन में हंडिया क्षेत्र में स्थित नर्मदा नदी के विभिन्न खदानों से रेत का अवैध उत्खनन जमकर किया था। लेकिन अब बारिश के मौसम में जहां सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है, किंतु इसके बावजूद वे आज भी दिन दहाड़े रेत का अवैध उत्खन कर स्टॉक कर रहे हैं। इस संबंध में खनिज अधिकारी को अवगत कराने के बाद भी अवैध काम बंद नहीं किया जा सका। नतीजतन छीपानेर की नर्मदा नदी में रेत का अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है।
सैकड़ों नाव के जरिए निकाली जा रही है रेत
जानकारी के अनुसार टिमरनी ब्लाक के छीपानेर गांव में नर्मदा नदी पर इन दिनों प्रतिबंध के बावजूद नाव के जरिए रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफियाओं ने अब नाव का सहारा ले लिया है। सीहोर जिले वाले बड़ी छीपानेर और टिमरनी क्षेत्र में छोटी छीपानेर के नर्मदा नदी तटों पर सैकड़ों की संख्या में अवैध नाव चलाई जा रही हैं। माफिया के लोग सुबह से लेकर शाम तक नदी में जाकर रेत निकालकर नाव में भरकर उसे किनारे पर ला रहे हैं। इसके बाद करीब 50 ट्रैक्टर ट्रालियों से इसका परिवहन किया जा रहा है। जबकि सरकार ने रेत निकालने पर गत 1 जुलाई से प्रतिबंध लगा रखा है। मगर माफिया सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाकर रेत निकालने में जुटे हुए हैं।
हर दिन किया जा रहा है 50 डंपर रेत का स्टॉक
पिछले कुछ दिनों से माफिया छीपानेर की खदान पर मशीन लगाकर नदी में से रेत निकाल रहे हैं। वहीं नाव में भी मशीन लगी हुई है। नदी में जिस स्थान पर पानी कम है वहां पर नाव और ट्रैक्टर ट्राली को ले जाकर खड़ा कर उसमें रेत भरी जा रही है। वहीं अन्य टै्रक्टर ट्रालियों से दिनभर रेत का परिवहन कर नदी किनारे पर स्टॉक किया जा रहा है। एक ट्रैक्टर ट्राली करीब चार बार चक्कर रेत ढोकर ले जा रही है। इस तरह करीब 50 से 60 ट्रैक्टर ट्रालियां लगभग 50 डंपर रेत एकत्रित कर रही है। इसके बाद माफिया शाम को पोकलेन और जेसीबी मशीन के जरिए डंपरों को भरकर हरदा जिला एवं अन्य जिलों तक रेत पहुंचा रहे हैं।
मछलियों को भी पहुंचा रहे हैं नुकसान
वर्तमान में मछलियों का प्रजनन काल है। हर साल की तरह इस बार भी सरकार ने गत 15 जून से 15 अगस्त तक मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन रेत माफिया मशीनों से रेत निकालने से उसमें मछलियां भी आ रही हैं, जिससे उन्हें नुकसान पहुंच रहा है। मगर माफियाओं को इससे कोई वास्ता नहीं है, वे आम दिनों की तरह नदी से रेत निकालकर चांदी काट रहे हैं। यदि खनिज विभाग छीपानेर की रेत खदान पर जाकर छापामार कार्रवाई करे तो ट्रैक्टर ट्रालियां एवं नाव मिल जाएंगी, लेकिन विभाग यहां जाने को तैयार नहीं है।
इनका कहना है
बारिश के मौसम में नर्मदा नदी के खदानों से रेत निकालने पर पूर्णत: प्रतिबंध है। छीपानेर खदान से रेत निकालने को लेकर मुझे भी किसी ने फोन पर जानकारी दी थी। मैं अधिकारी को मौके पर भेजकर कार्रवाई करवाता हूं।
आरपी कमलेश, खनिज अधिकारी, हरदा