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मध्यप्रदेश में खुला देश का पहला समेकित स्कूल

बैतूल जिले में स्कूल के लिए केबिनेट की मंजूरी

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india first Consolidated school in betul madhya pradesh

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बैतूल. अंतत: बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के ड्रीम प्रोजेक्ट समेकित विद्यालय को मध्यप्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। विधायक का सपना था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को भी बेहतर शिक्षा सुविधा मिले,अच्छी लायबे्ररी मिले, अच्छे खेल मैदान मिले और भी अच्छी सुविधाएं मिले जिससे उनके शिक्षा स्तर के साथ ही साथ मानसिक स्तर का भी विकास हो और यही सोच के साथ उन्होंने मॉडल स्कूल का प्रस्ताव तैयार किया जिसमें आसपास के क्षेत्रो के स्कूलों को मिलाकर एक मॉडल स्कूल खोला जाए जिसमें हर विषय के विशेषज्ञ शिक्षक हो,अच्छी लायब्रेरी, लैब हो तथा खेल सुविधाएं हो। बच्चों को उनके निवास स्थान से स्कूल लाने एवं स्कूल से निवास तक छोडऩे के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध हो। विधायक खंडेलवाल द्वारा प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा कर उन्हे विस्तृत रूप से इस मॉडल स्कूल के बारे में बताया गया। मुख्यमंत्री ने इसे सराहा भी था। विधायक खंडेलवाल द्वारा मॉडल स्कूल के संबंध में विभागीय मंत्री एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पे्रजेन्टेशन दिया।
ऐसे बनाई विद्यालय खोलने की रूपरेखा : विधानसभा में समेकित विद्यालय प्रारंभ करने का एलान होने के उपरान्त विधायक बैतूल द्वारा कलेक्टर बैतूल शंशाक मिश्रा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सहयोग से बैतूलबाजार में समेकित विद्यालय खोले जाने की रूपरेखा तैयार कराई। समेकित विद्यालय बैतूलबाजार में दो समेकित विद्यालय प्रारंभ कराए जा रहे है। समेकित विद्यालय - 1 में ं4 प्राथमिक शालाएं एवं 5 माध्यमिक शालाएं शामिल की गई है। कुल १३०० छात्र वर्तमान में इस स्कूल में अध्ययनरत है।

विधानसभा में यह दिया था सुझाव
विधायक खंडेलवाल द्वारा विधानसभा में चर्चा के दौरान मॉडल स्कूल पर सुझाव देते हुए सदन को बताया था कि प्रतिमाह छात्र टीचिंग पर 1600, मॉनिटरिंग पर 200, छात्रावास पर 300 एवं छात्रावास भवन पर 300 इस प्रकार 2400 प्रति छात्र सरकार वहन करती है। विधायक ने सुझाव दिया कि 15 - 20 किमी. की परिधि में एक मॉडल स्कूल खोल दिया जाता है तो प्रति शिक्षक बच्चों का रेसो भी बढ़ेगा तथा सरकार का प्रति बच्चा खर्च भी कम हो जाएगा तथा यह खर्च प्रति बच्चा 500 रूपए से भी अधिक कम होगा। इससे सरकार का हजारों करोड़ रूपए का बजट बचेगा।