script PM किसान समृद्धि योजना में किसानों से लूट, इस तरह हो रही अवैध वसूली | Loot from farmers under PM Kisan Samriddhi Yojana extra money charged on urea packets | Patrika News

PM किसान समृद्धि योजना में किसानों से लूट, इस तरह हो रही अवैध वसूली

locationबेतुलPublished: Dec 28, 2023 07:45:29 pm

Submitted by:

Faiz Mubarak

यूरिया की बोरी के नाम पर किसानों से वसूली जा रही करीब दो गुना रकम।

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PM किसान समृद्धि योजना में किसानों से लूट, इस तरह हो रही अवैध वसूली

देश में कई जगहों पर किसानों के साथ लूट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के अंतर्गत आने वाले भैंसदेही से सामने आया है। यहां यूरिया के नाम पर किसानों से अवैध रकम वसूली जा रही है। हैरानी की बात तो ये है कि ये लूट कोई व्यापारी नहीं, बल्कि खुद सहकारी समिति के संचालक द्वारा ही किसानों से की जा रही है। मामले में खुद किसानों का आरोप है कि सोसायटी संचालक द्वारा उन सभी से 300 से 400 रुपए वसूले जा रहे हैं। जबकि बोरी 267 रुपए की है।

इन दिनों फसलों को यूरिया की जरूरत होने के कारण किसान भी दाम से अधिक ओवररेट सोसायटी संचालक को देने मजबूर हैं। यही नहीं संचालक किसानों को एक बही पर सिर्फ दो बोरी ही यूरिया दे रहा है। किसानों के साथ ये लूट विपणन सहकारी समिति भैंसदेही में की जा रही है। किसानों की माने तो 267 रुपए की यूरिया की बोरी आती है, जिसे सोसायटी संचालक 300 से 400 रूपए तक किसानों से वसूल रहा है।

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अफसरों की लाचारी का खामियाजा भुगत रहे किसान

खास बात ये है कि खुली लूट कोई ग्रामीण अंचल में नहीं बल्कि ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित सहकारी समिति में चल रही है। किसानों का आरोप है कि इस तरह की अवैध वसूली की जानकारी जिम्मेदार अफसरों को भी है, बावजूद इसके दबंग सहकारी समिति संचालक की राजनीतिक पकड़ के कारण अधिकारी सहकारी समिति संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। लेकिन जिम्मेदारों की इस लाचारी का खामियाजा इलाके के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।


मिला कार्रवाई का आश्वासन

यही नहीं, नियम के तहत पूर्व विपणन सहकारिता समिति में जिस जगह से किसानों को खाद वितरित हो रहा है। उन जगहों पर स्टॉक बोर्ड, रेट लिस्ट भी नहीं लगाई गई है। वहीं किसानों को उनके रगबे के हिसाब से यूरिया खाद बेचा जाना चाहिए, बावजूद इसके एक बही पर किसान को सिर्फ दो ही बोरी यूरिया बेचा जा रहा है। किसानों का आरोप है कि इस तरह न तो फसल की पूर्ति के हिसाब से यूरिया मिल पा रहा है, जिसके दाम भी लगभग देढ़ से दो गुना भुगतना पड़ रहे हैं। फिलहाल मामला सामने आने के बाद कृषि विस्तार अधिकारी एस.एल.टेकाम जांच के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

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