
अगर आप भी 5 से 50 हजार रुपए तक के लोन किसी मोबाइल ऐप से लेना चाहते हैं तो सावधान रहें। कहीं ऐसा न हो कि आप लोन के नाम पर साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार हो जाए। साइबर अपराधी न केवल आपको दिए गए लोन की दोगुनी कीमत वसूल कर सकते हैं बल्कि आपको ब्लैकमेेल भी कर सकते हैं। जिले में करीब आधा दर्जन से अधिक लोग लोन ऐप के कारण ठगी का शिकार हो चुके हैं। जिन्होंने साइबर क्राइम में शिकायत भी दर्ज कराई हैं। चूंकि लोन ऐप का फर्जीवाड़ा विदेश से ऑपरेट होता हैं इसलिए आज तक इस मामले में किसी पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
लोन ऐप के आधा दर्जन मामले दर्ज
साइबर शाखा के मुताबिक जिले में लोन ऐप से हुए ठगी के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। चूंकि लोन ऐप विदेशों से ऑपरेट होता हैं इसलिए पुलिस मामले में ज्यादा कार्रवाई नहीं कर पाई है। बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है। पुलिस के मुताबिक इस समय इंटरनेट पर बहुत से मोबाइल ऐप हैं जो आपको लोन देते हैं। लोग लालच में आकर बिना जाने परखे इस ऐप को मोबाइल में डाउनलोड कर लेते हैं। डाउन लोडिंग के दौरन बिना पढ़े ही लोग एक्सिस करते जाते हैं जिससे वो आपका पर्सनल डाटा चोरी कर लेते हैं फिर वो आपकी कॉन्टेक्ट लिस्ट में जुड़े लोगों से पैसा मांगते हैं। कई बार यह ठग कुछ अश्लील मैसेज या पिक्चर लोन लेने वाले परिचितों को भेजते हैं अथवा लोन लेने वाले के ऊपर दबाव बनाकर कई गुना ज्यादा पैसा वसूलते हैं। इसलिए ऐसे एप से सावधान रहने की जरूरत है।
केस 01: लोन की वजह से जीना मुश्किल हुआ
शहर में रहने वाली एक महिला ने साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई कि उसने लोन ऐप के माध्यम से लोन लिया था, लेकिन अब लोन वाले दिन-रात फोन कर परेशान कर रहे हैं। लोन की वजह से जीना मुश्किल हो रहा हैं। शिकायत करने पहुंची महिला काफी डरी-सहमी हुई थी। यहां तक कह दिया कि मैं नदी में डूबकर आत्महत्या कर लूंगी।
केस 02: जैसे ही ओटीपी बताया क्र२० हजार कट गए
ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से ठगी के शिकार हुए एक युवक ने बताया कि बिना सामान बुलाए ही ऑनलाइन एक पार्सल मेरे घर आ गया। जबरन ही मेरा पार्सल होने का हवाला देता रहा। जब मैंने कहा मेरा पार्सल नहीं है तो बोला कि इसे रिटर्न कराने के लिए आपके पास एक ओटीपी आएगी। जैसे ही ओटीपी बताया खाते से बीस हजार गायब हो गए।
हजार से अधिक साइबर क्राइम के प्रकरण दर्ज
एसपी ऑफिस में स्थित साइबर क्राइम शाखा के मुताबिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अभी तक 1 हजार 42 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 200 से अधिक प्रकरणों का पुलिस निराकरण कर चुकी हैं, लेकिन कई प्रकरण ऐसे हैं जिनमें अभी जांच चल रही हैं। चूंकि साइबर अपराधी राज्य के बाहर के हैं इसलिए इन प्रकरणों के निराकरण में लंबा समय लगता है। क्रेडिट कार्ड के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े के प्रकरणों में बैंकों के माध्यम से निराकरण की कार्रवाई भी चल रही है।
जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस जिले में जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूल, कॉलेजों में लोगों को अपराधों की रोकथाम के बारे में बताया जाकर जागरूक किया जा रहा है। वीडियो के माध्यम से भी साइबर फ्राड के प्रति लोगों को सचेत किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग के चलते साइबर फ्रॉड के मामले भी बहुत बढ़ गए हैं। साइबर ठग रोज नए-नए तरीके निकालकर लोगों को लूट रहे हैं। पुलिस ने बताया कि मोबाइल ऐप से लोन लेने के दौरान ठगी से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें लोगों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।
पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है
साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर जिले भर में पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है। लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। साइबर अपराधों से जुड़े 200 से अधिक प्रकरणों का अभी तक निराकरण किया जा चुका है।
-सिद्धार्थ चौधरी, एसपी बैतूल
Published on:
28 Jul 2023 09:37 am
