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MP Election 2023 – भाजपा से चाची और कांग्रेस से भतीजा चुनावी मैदान में, बोलचाल तक बंद

घोड़ाडोंगरी विधानसभा में मुकाबला इस बार रोचक है। कारण है दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशी रिश्ते में चाची और भतीजा हैं। पारिवारिक मनमुटाव के चलते दोनों के बीच कटुता इतनी है कि एक दूसरे से बात तक नहीं करते हैं।

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घोड़ाडोंगरी विधानसभा में मुकाबला इस बार रोचक है

शाहपुर. घोड़ाडोंगरी विधानसभा में मुकाबला इस बार रोचक है। कारण है दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशी रिश्ते में चाची और भतीजा हैं। पारिवारिक मनमुटाव के चलते दोनों के बीच कटुता इतनी है कि एक दूसरे से बात तक नहीं करते हैं।

रहवासियों के मुताबिक जब पहली बार प्रताप सिंह उईके चुनाव लड़े थे, तब तक दोनों परिवार में प्रेम था। लेकिन समय के साथ बदलाव आया और आज दोनों परिवार एक दूसरे के खिलाफ चुनाव में खड़े हैं। कांग्रेस प्रत्याशी राहुल स्वर्गीय मोहकम सिंह के पोते हैं। मोहकम सिंह के भाई गंजन सिंह के परिवार की गंगा सज्जन सिंह उईके भाजपा प्रत्याशी हैं।

दोनों परिवार इसलिए आए आमने-सामने
विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने 2018 चुनाव के उम्मीदवार बदल दिए हैं। कांग्रेस ने विधायक ब्रह्मा भलावी का टिकट काटकर राहुल को चुनावी मैदान में उतारा है। वही भाजपा ने पिछले चुनाव में हारने वाली गीताबाई के स्थान पर पूर्व भाजपा विधायक स्वर्गीय सज्जन सिंह की पत्नी गंगाबाई को मैदान में उतारा है। रिश्ते में दोनों चाची एवं भतीजे हैं। दोनों ने मैदानी तैयारी भी शुरू कर दी है।

राहुल के चाचा रहे मंत्री
स्वर्गीय मोहकम सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। 1952 में चिचोली विधानसभा से विधायक बने। उनके बाद प्रताप सिंह 1993 में पहली बार कांग्रेस से विधायक बने और दो बार विधायक रहे। प्रताप सिंह दिग्विजय सिंह सरकार में 1998 में मंत्री रहे हैं। 2003 विधानसभा चुनाव में प्रताप सिंह के खिलाफ सज्जन सिंह को भाजपा ने टिकट दिया और वे प्रताप सिंह को शिकस्त देकर पहली बार विधायक बने।

गंगा के पति थे विधायक
स्वर्गीय सज्जन सिंह 2003 एवं 2013 में विधायक बने थे। बताया जाता है 2003 में जब पहली बार सज्जन सिंह विधायक बने तो जमीनी विवाद प्रारंभ हुआ। 9 साल की कानूनी लड़ाई के बाद जमीन का बंटवारा तो हो गया, लेकिन परिवार में दरार पड़ गई। यह दरार अभी भी है। इधर गंगाबाई के परिवार का आरोप है कि जब प्रताप सिंह मंत्री थे तब उनके द्वारा भी हमारे परिवार को प्रताडि़त किया गया।

संभाग में और भी जगह यह स्थिति
नर्मदापुरम संभाग की टिमरनी और होशंगाबाद-इटारसी विधानसभा सीट पर भी ऐसी ही स्थिति है। जहां चाचा-भतीजे और सगे भाई एक दूसरे के खिलाफ चुनावी ताल ठोकेंगे। टिमरनी से भाजपा से संजय शाह और कांग्रेस से उनके भतीजे अभिजीत शाह चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं होशंगाबाद में भाजपा से डॉ. सीतासरन शर्मा और कांग्रेस से गिरिजाशंकर शर्मा चुनावी मैदान में हैं।

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