
हरदा. इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर को खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जाएगा। ,हरदा. इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर को खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जाएगा। ,हरदा. इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर को खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जाएगा। ,हरदा. इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर को खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जाएगा। ,हरदा. इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर को खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जाएगा।
हरदा. नहर की सुविधा से वंचित रहने वाले गांवों को भी सिंचाई की सुविधा देने के लिए कृषि मंत्री कमल पटेल ने बजट में करोड़ों की शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना को मंजूरी दिलाई थी, ताकि जिला शत-प्रतिशत सिंचित हो सके। योजना के तहत इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर के पानी को पाइप लाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे जिले के तीनों ब्लाकों के 118 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया हो गई है। आगामी दिनों में योजना मूर्त रूप लेने लगेगी।
खेतों तक डलेगी अंडरग्राउंड पाइप लाइन
जानकारी के अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के माध्यम से जिले को 100 प्रतिशत सिंचित करने के लिए शासन ने 720 करोड़ की शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना बनाई है। इसमें हरदा और टिमरनी विधानसभा के 118 गांवों जिसमें हरदा विस में 4, खिरकिया के 25, हंडिया के 68 तथा टिमरनी विधानसभा के 21 गांव शामिल हैं। उक्त गांवों की 26 हजार 890 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। योजना के तहत हंडिया की नर्मदा नदी तथा इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर क्षेत्र से अंडरग्राउंड पाइप लाइन खेतों तक बिछाई जाएगी। इसके माध्यम से किसान आसानी से अपने खेतों को सिंचित कर सकेंगे।
हंडिया और करनपुरा के पास बनेगा पंप हाउस
शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना के अंतर्गत खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जमीन में पाइप लाइन को दबाया जाएगा। कहीं पर भी पानी का स्त्रोत जमीन के ऊपर नहीं रहेगा। पानी की सप्लाई करने के लिए इंदिरा सागर डैम के बैक वाटर के गांव करनपुरा के पास पंपहाउस बनाया जाएगा। वहीं हंडिया तहसील में नर्मदा नदी के कुंडगांव के करीब बैराज बनेगा, जहां पर एक ओर पंपहाउस स्थापित होगा। बैक वाटर के साथ ही बैराज से छोड़े जाने वाले पानी को पंप हाउस के माध्यम से पाइप लाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा।
हंडिया और खिरकिया क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा
सिंचाई परियोजना का सबसे ज्यादा फायदा हंडिया क्षेत्र के 68 तथा खिरकिया के 25 गांवों को मिलेगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में करीब 1 लाख 96 हजार 600 हेक्टेयर जमीन में बुआई होती है। मगर कई गांव ऐसे हैं, जहां पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से हर साल किसान परेशान होते हैं। लेकिन अब इस योजना के बाद हरदा और टिमरनी विधानसभा के सभी गांवों तक पाइप लाइन से पानी पहुंचेगा, जिससे शत-प्रतिशत सिंचाई होगी।
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इनका कहना है
जिले को शत-प्रतिशत सिंचित करने के लिए शासन से शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना की सौगात मिली थी। सिंचाई योजना से हरदा जिले के 118 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर और हंडिया के बनने वाले बैराज से छोड़े जाने वाले पानी को अंडरग्राउंड पाइप लाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। आगामी दिनों में योजना का काम शुरू होने वाला है।
कमल पटेल, कृषि मंत्री, मप्र शासन
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शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना के माध्यम से हरदा और टिमरनी विधानसभा के 118 गांवों की 26890 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। टेंडर लगने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
बीएस चौहान, सब इंजीनियर, एनवीडीए
Published on:
20 Aug 2023 10:01 pm
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