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धमाकों से खेत की फसलें हो रही बर्बाद

ब्लास्ंिटग बंद कराने रखी मांग। ब्लास्ंिटग से उठने वाले राख से ग्रामीण बीमार हो रहे है। किसानों के खेतों तक पत्थर पहुंच रहे है

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बेतुल

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Ashok Waiker

Feb 01, 2018

 Workers blasting in ballast mines

Workers blasting in ballast mines


बैतूल। आठनेर ब्लॉक के ग्राम दाभोना में गिट्टी खदान में होने वाली ब्लास्ंिटग से आसपास के किसान परेशान हो रहे हैं। ब्लास्टिग से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। परेशान किसानों ने ब्लॉस्ंिटग पर रोक लगाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्राम दाभोरा के किसान मोतीलाल धोटे, पांडू दहीकर , लक्ष्मण राठौर और माला बाई धाड़से ने जिला प्रशासन को शिकायत कर बताया कि ग्राम में एक गिट्टी खदान में ब्लास्टिंग से आसपास के ग्रामीणों की फसलें खराब हो रही है और कुओं का जलस्तर गिर रहा है। इसके साथ ही टयूबवेल के धंसकने की संभावना बनी हुई है।
ब्लॉस्टिंग के डर से किसानों नहीं जा रहे खेत
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉस्टिंग के कारण गांव में प्रदूषण बढ़ रहा है। ब्लास्ंिटग से उठने वाले राख से ग्रामीण बीमार हो रहे है। किसानों के खेतों तक पत्थर पहुंच रहे है, जिसके चलते किसानों ने अपने खेत में तक जाना छोड़ दिया है। जिला प्रशासन से ब्लास्टिंग करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्राम में बढ़ रहे दमा के मरीज
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को शिकायत में बताया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। कार्रवाई नहीं होने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। ब्लॉस्टिंग से निकलने गैसों से लोगों के स्वास्थ्य के साथ में खिलवाड़ किया जा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर मजबुर होकर आंदोलन के लिए बाध्य होना पडेगा। लक्ष्मण राठौर और माला बाई धाड़से का कहना है कि पत्थर के धुंओं से लोगों के फेफडें खराब हो रहे है। लोगों को दमा की शिकायत बढ़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉस्टिग के कारण ग्राम में लगातार जल स्तर नीचे गिरते जा रहा है। जल स्तर गिरने से गर्मी के मौसम में भारी जलसंकट का भी सामना करने की बात कही है।