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सारनी। रविवार को प्रदेश में बिजली की मांग कम रही। यही वजह है कि सतपुड़ा की 10 नंबर इकाई को 90 मेगावाट के बेकिंग डाउन पर चलाया गया। वहीं तीन इकाइयों को पहले से ही कोयले की कमी के चलते टेक्निकल मिनिमम पर चलाया जा रहा है। इधर 9 व 11 नंबर यूनिट बंद रहने से प्लांट में कोयले की खपत घट गई है। जिसकी वजह से कोल स्टॉक 24 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 55 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को 1330 मेगावाट क्षमता के प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े थर्मल पॉवर प्लांट से महज 590 मेगावाट विद्युत उत्पादन हुआ। सतपुड़ा की 6 नंबर यूनिट को 150, 7 नंबर को 130, 8 नंबर को 150 और 10 नंबर इकाई को 160 मेगावाट के लोड पर चलाया गया।
लाइटअप हो सकती है कि यूनिट
अगस्त 2017 से बंद 210 मेगावाट की 9 नंबर यूनिट रविवार देर शाम तक लाइटअप की जा सकती है। फिलहाल इस इकाई के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से टेस्टिंग चल रही है। 24 घंटे बाद इकाई लोड पर आएगी। इस संबंध में सतपुड़ा सारनी प्लांट के पीआरओ वीसी टेलर ने बताया कि कोयले की कमी से तीन इकाइयों को टेक्निकल मिनिमम और 10 नंबर यूनिट को बेकिंग डाउन पर चलाया जा रहा है। कोल स्टॉक बढ़कर 55 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। 9 नंबर यूनिट को देर शाम तक लाइटअप करने की तैयारी है।
कोयले की कमी से टेक्निकल मिनिमम पर चल रही विद्युत इकाइयां
सारनी. सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में कोयले की स्थिति चिंताजनक बनी है। हालत यह है कि तीन इकाइयों को टेक्निकल मिनिमम पर चलाना पड़ रहा है। 250 मेगावाट की 11 नंबर यूनिट वॉटर वाल्व में लीकेज की वजह से दो दिन के लिए बंद की गई है। बावजूद इसके खपत अनुरूप कोयला नहीं मिलना सतपुड़ा के लिए चिंता का विषय है। हालांकि गुरुवार को करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति हुई है। बावजूद इसके ग्राउंड स्टॉक महज 21 हजार मीट्रिक टन है। जबकि मौजूदा हालात में खपत 11 हजार मीट्रिक टन है। यदि 8 माह से बंद 9 नंबर यूनिट लाइटअप की जाती है तो रोजाना आपूर्ति होने वाले कोयले पर ही सतपुड़ा का उत्पादन निर्भर रहेगा। हालांकि इस तरह के हालात अभी से निर्मित हो गए हैं।
Published on:
30 Apr 2018 01:09 pm
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