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चिचंडा में ट्रेन रोक लेती है शव यात्रा, अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ता है घंटो इंतजार

मोक्षधाम पटरी पार होने से हमेशा होती है परेशान, गांव की यह सबसे बड़ी समस्या

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The train stops at Chichanda. The funeral for the funeral is to be don

चिचंडा में ट्रेन रोक लेती है शव यात्रा, अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ता है घंटो इंतजार

मुलताई। ग्राम चिचंडा में पटरी के पार मोक्षधाम होने से हमेशा शव यात्रा प्रभावित होती है। पटरी पर ट्रेन रूकने से कई बार शव को लेकर ग्रामीणों को आधे से एक घंटे तक रूके रहना पड़ता है, ट्रेन गुजरने के बाद ही शवयात्रा मोक्षधाम पहुंच पाती है। चिचंडा में अधिकांश ट्रेनें रूकती है, यहां ट्रेनों में घाट सेक्शन में इस्तेमाल किया जाने वाला इंजन हटाया जाता है, ऐसे में या$त्री ट्रेने यहां लगभग 5 मिनट से 10 मिनट एवं मालगाड़ी आधा-आधा घंटे रोकी जाती है, ऐसे में शव यात्रा को बीच में रोकना पड़ता है, लोगों ने कई अंडर ब्रिज बनाने की मांग की है, लेकिन उनकी इस मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की यह सबसे बड़ी परेशानी है जिसे जनप्रतिनिधि हल नहीं कर रहे हैं।

आधे घ्ंाटे खड़ी रही मालगाड़ी
बताया जाता है कि बुधवार को गांव में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। ग्रामीण जब शव यात्रा लेकर गांव के मुक्तिधाम को निकले और रेल पटरी के करीब पहुंचते ही मालगाड़ी आकर रुक गई । ग्रामीण ने बताया कि मालगाड़ी करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। हीं मालगाड़ी खवड़े रहने के कारण लगभग ग्रामीण शवयात्रा को कंधे पर लिए आधा घंटे तक खड़े रहे। जब आधे घंटे बाद मालगाड़ी चली तब जाकर शवयात्रा मुक्तिधाम के लिए आगे बढ़ पाई। कहा जाता है कि मौत के बाद अंतिम यात्रा शांति से और पूरे सम्मान के साथ निकाली जानी चाहिए, लेकिन चिचंडा गांव में जिन लोगों की मौत हो जाती है, उनकी अंतिम यात्रा को ट्रेने बीच में ही रोक देती है, शवयात्रा में शामिल लोगों को कई बार आधा-आधा घंटा अर्थी को अपने कंधों पर रखना पडता है, बुधवार भी गांव में एक महिला की मौत के बाद उनकी शवयात्रा को रेल्वे ट्रेक पर आधा घंटा रोका गया।

गांव की सबसे बड़ी परेशानपी
ग्रामीणों ने बताया कि पूरा गांव इस समस्या से पीडि़त है और गांव की यह सबसे बड़ी समस्या है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और तेज धूप में शवयात्रा में शामिल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा इस समस्या को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का कोई समधान नहीं हुआ है, ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा यहां अंडर ब्रिज बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक अंडर ब्रिज के कोई अते-पते नहीं है।