21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यह भी खूबः मतदान बढ़ाने के लिए 14 लाख से 1 लाख का कर दिया बजट

स्वीप प्लान के अंतर्गत ‘टीकू’ करेगा मतदान करने की अपील, मतदाताओं को जागरूक करने 1 लाख रुपए बजट, पिछले चुनाव में मिले थे 14 लाख

2 min read
Google source verification

बेतुल

image

Manish Geete

Oct 19, 2023

election-commision.png

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कम मतदान प्रतिशत वाले केंद्रों पर इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रचार-प्रसार पर काफी जोर दिया जा रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि स्वीप प्लान की गतिविधियों के लिए जो बजट निर्वाचन आयोग से मिला है वह ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है। इस वजह से शहरी क्षेत्रों में ही इसका असर नजर आ रहा है, जबकि ग्रामीण अंचलों में प्रचार-प्रसार का असर थोड़ा कम है। स्वीप प्लान का संचालन कर रहे जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि नगरीय निकायों एवं जनपदों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बजट की कोई कमी नहीं आएगी। हमारे द्वारा सिर्फ उन मतदान केंद्रों को टारगेट किया गया है जहां पिछली बार मतदान का प्रतिशत काफी कम था।

स्वीप क्रिकेट कप और टिकू का नवाचार

स्वीप प्लान के अंतर्गत पहली बार जिला प्रशासन नवाचार करते हुए स्वीप क्रिकेट कप का आयोजन करने जा रहा है। भारत में हो रहे वल्र्ड कप क्रिकेट को देखते हुए स्वीप क्रिकेट कप की थीम तैयार की गई है। जिसमें पांचों विधानसभा क्षेत्र में युवा मतदाताओं की टीम तैयार कर क्रिकेट स्पर्धा का आयोजन कराया जाएगा। वहीं जिले में बहुतायत में पाया जाने वाला और जिले की शान सागौन को चुनाव में आईकॉन बनाया गया है। जिसे टीकू नाम दिया गया है। सागौन के पेड़ का यह ऑईकॉन लोगों से मतदान की अपील करेगा। साथ ही मतदाताओं को जागरूक करने वीडियो मैसेज तैयार कराए जा रहे हैं। इसके अलावा समस्त सरकारी विभागों में मतदाता जागरूकता के होर्डिंग एवं बैनर भी लगाए गए हैं। चित्रकला, निबंध, बैनर, पोस्टर, मेहंदी, स्लोगन, रैली, नुक्कड़ नाटक सहित अन्य गतिविधियां कराई जा रही है।

232 मतदान केंद्रों पर विशेष फोकस

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 232 मतदान केंद्र ऐसे थे, जहां मतदान का प्रतिशत काफी कम था। इन केंद्रों पर 50 प्रतिशत या उससे कम मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इनमें ज्यादातर मतदान केंद्र बैतूल, सारनी और मुलताई शहरी क्षेत्र के थे। अब इन केंद्रों पर मतदान का प्रतिशत बढ़ाए जाने के लिए स्वीप प्लान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे युवा और कामकाजी मतदाताओं से भी संपर्क साधा जा रहा है जो पढ़ाई या काम के सिलसिले में जिले के बाहर गए हैं।

बीते चुनाव 2018 में मिले थे 14 लाख

निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2018 के चुनाव में जिला प्रशासन को 14 लाख 30 हजार रुपए का बजट जारी किया था। इस साल बजट में कटौती करते हुए सिर्फ 1 लाख रुपए स्वीप प्लान के लिए जारी किया है। हालांकि नोडल अधिकारी का कहना है कि आवश्यकतानुसार बजट मिलेगा। बताया गया कि इस साल स्वीप प्लान के तहत एक दर्जन से अधिक गतिविधियां कराई जाना है। आयोग ने बकायदा गतिविधियों का तारीख वार प्रोग्राम भी बनाकर भेजा है। आयोग का मानना है कि मतदान करना सभी का अधिकार है।


स्वीप प्लान के अंतर्गत मतदाता जागरूकता के लिए आयोग की तरफ से सिर्फ एक लाख का बजट मिला है। वैसे नगरीय निकायों एवं जनपदों के माध्यम से जागरूकता को लेकर गतिविधियां कराई जा रही है। इस बार स्वीप कप क्रिकेट स्पर्धा भी होगी जिसमें पांचों विधानसभा क्षेत्रों से युवा मतदाताओं की टीम भाग लेंगी।

-अक्षत जैन, सीईओ, जिला पंचायत बैतूल