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भदोही में चौरहटा सामूहिक हत्याकांड के सभी आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया दोषमुक्त

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। इस आदेश के बाद उनके रिहाई की तैयारी शुरू हो गई है।

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भदोही

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Krishna Rai

Dec 02, 2023

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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भदोही जिले के सबसे चर्चित हत्याकांड के आरोपियों को बरी कर दिया है। ज्ञानपुर के ऊंज में चौरहटा गांव में वर्ष 2009 में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। सिर्फ शंका के आधार पर इतनी बड़ी सजा नहीं दी जा सकती है। न्यायमूर्ति अश्वनी मिश्र और न्यायमूर्ति एसएएच रिजवी की खंडपीठ ने प्रेम शंकर उपाध्याय सहित छह आरोपियों की याचना को स्वीकार करते हुए आदेश दिया है।

यह था पूरा मामला
सामूहिक हत्याकांड की घटना सितंबर 2009 की है। ज्ञानपुर के चौरहटा गांव में संगमलाल गुप्ता, पत्नी सावित्री देवी, बेटियां अनीता और रानी के अलावा पौत्री गुड़िया को मार डाला गया था। परिवार में किसी के नहीं बचने पर गांव के चौकीदार सरजू की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ ऊंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। कुछ दिनों के बाद मुंबई से आए संगमलाल के बेटे ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाया था आजीवन कारावास की सजा
ट्रायल कोर्ट ने प्रेम शंकर उपाध्याय, चंद्र प्रकाश, गुड्डू मिश्र उर्फ सच्चिदानंद, तीर्थराज गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार बिंद, केदार मिश्र और श्यामदेव विश्वकर्मा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। एक आरोपी विजय गुप्ता की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तों की हत्या में संलिप्तता के साक्ष्य देने में विफल रहा।

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