महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में गुरुवार को एनआईए कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट का यह फैसला प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों के लिए बड़ी राहत है। NIA कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 17 साल बाद सभी आरोपी बरी हो गए। महाराष्ट्र सरकार 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। अगर वे सुप्रीम कोर्ट नहीं जाते तो क्या यह आतंकवाद पर पाखंड नहीं होगा? ब्लास्ट में मिलिट्री ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। यह कहां से आया? इन बम धमाकों के लिए कौन जिम्मेदार है? जिन्होंने इसे अंजाम दिया, वे खुलेआम घूम रहे हैं। मेरा सवाल है कि क्या मोदी सरकार और महाराष्ट्र सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी?