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VIDEO…अब हरियाणा पुलिस की जांच में छिपा 18 घंटे का ‘राज’

-दो लोगों को गाड़ी में डालकर जिंदा जलाकर मारने के मामले में अब तक हरियाणा व राजस्थान पुलिस की जांच पहेली बनी हुई है, अब राजस्थान पुलिस पर भी एफआइआर की तलवार लटक रही है। अगर गर्भपात वाले केस में मारपीट कारण आता है तो राजस्थान पुलिस पर नगीना थाने में एफआइआर दर्ज होना तय है

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भरतपुर/पहाड़ी. घाटमीका में अब कभी नजर न आने वाले नेता भी मृतक के परिजनों से मिलते नजर आ रहे हैं, कोई कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहा है तो कोई बजरंग दल पर। इससे पहले अब राजस्थान पुलिस पर भी एफआइआर की तलवार लटक रही है। संभावना है कि आरोपी श्रीकांत के बच्चे के मौत के बाद पोस्मार्टम रिपोर्ट मंगलवार दोपहर तक सामने आ जाएगी। इसके बाद नगीना थाने में राजस्थान पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। हालांकि पोस्टमार्टम को लेकर हरियाणा में भी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। हिंदू संगठनों के दबाव के बाद नवजात बच्चे के शव को पुलिस ने रविवार शाम को श्मशान घट से निकाला था।
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा कि राजस्थान पुलिस की रेड के दौरान कोई महिला पुलिस अधिकारी नहीं थी। जोकि राजस्थान पुलिस ने बहुत बड़ी गलती की है। रेनू भाटिया ने इस मामले में फिरोजपुर झिरका के डीएसपी सतीश कुमार को जमकर फटकार लगाई। वहीं रेनू भाटिया ने पीडि़त महिला से कहा कि आयोग आपके साथ हैं। इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। जो बच्चा इस दुनिया में नहीं रहा आयोग को उसका बहुत दुख है। वहीं पीडि़त महिला कमलेश इस दौरान भावुक हो गई और आंखों से आंसू आने लगे। वहीं श्रीकांत पंडित के घर राजस्थान पुलिस की ज्यादतियों के आरोपों पर पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। शिशु के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट तो अभी आना बाकी है। साथ में पुलिस उनके घर के आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाल रहा है। जबकि राजस्थान पुलिस हरियाणा में सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। जहां से होकर अपह्तों की गाड़ी निकली है।

इन बिंदुओं से जानिए अब तक खड़े हुए सवाल

1. श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के गर्भपात के बाद अब शव को निकाल कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। रिपोर्ट का इंतजार है।

2. रिपोर्ट में अगर मारपीट से गर्भपात होना पाया जाता है तो राजस्थान पुलिस के खिलाफ नगीना थाने में एफआइआर होना तय है।

3. इस सवाल से भी राजस्थान पुलिस कठघरे में है कि अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद 18 घंटे तक पुलिस ने क्या किया। हरियाणा पुलिस की मदद ली या नहीं।

4. खुद हरियाणा पुलिस को भी अगर अपहरण के बाद पूरे प्रकरण की जानकारी हो गई तो वह दोषी अधिकारी कौन-कौन थे, जो कि जानते थे कि दोनों मृतकों के साथ कुछ भी गलत हो सकता है।

5. गौरक्षकों का मुखबिर तंत्र राजस्थान की बजाय हरियाणा में इतना मजबूत है तो राजस्थान पुलिस कमजोर कहां है।

6. गिरफ्तारी आरोपी रिंकू सैनी के घटना को कबूल करने का दावा किया जा रहा है तो पुलिस अधिकारी मोनू मानेसर की गिरफ्तारी को लेकर चुप क्यों है।

दो दिन में निरस्त किया जाएगा आम्र्स लाइसेंस

गुरुग्राम के मानेसर के रहने वाले हरियाणा में बजरंग दल के गौरक्षा प्रमुख मोनू मानेसर का आम्र्स लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भरतपुर पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबाव बना रही है। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि जब भी किसी का नाम इस तरह के केस में आता है तो आम्र्स लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाती है।

सांसद ने राष्ट्रीय महिला आयोग से की शिकायत

सांसद रंजीता कोली ने हरियाणा के मरोड़ा में श्रीचंद के घर दबिश के दौरान महिला की मारपीट से गर्भ में बच्चे की मौत के मामले को लेकर दिल्ली की राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राधा शर्मा को पत्र लिखकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की है। हालांकि इस पूरे केस में भाजपा का कोई नेता पहली बार सामने आया है।