
पंचायत चुनाव। एआई तस्वीर
भरतपुर। पंचायत राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के आगामी चुनावों को लेकर मतदाता सूचियों के वितरण की प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग ने अहम बदलाव किया है। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के बाद यदि कोई व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल मतदाता सूची प्राप्त करना चाहता है तो उसे अब निर्धारित शुल्क जमा कराना अनिवार्य होगा। शुल्क जमा होने के बाद हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए पूर्व आदेशों में आंशिक संशोधन किया है। आदेश के अनुसार मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दल, एनजीओ और आमजन- कोई भी आवेदक निर्धारित शुल्क जमा कर मतदाता सूची ले सकता है। आयोग का मानना है कि इस व्यवस्था से मतदाता सूची के वितरण में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद ही मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए आवेदक को सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा संबंधित कार्यालय इस प्रक्रिया को पूरा करेगा। उल्लेखनीय है कि इन दिनों मतदाता सूचियों का कार्य चल रहा है और 25 जनवरी को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद पंचायत एवं नगरपालिका चुनावों में भाग लेने वाले प्रत्याशियों सहित अन्य जरूरतमंदों को आवेदन के माध्यम से मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मतदाता सूची की हार्ड कॉपी के लिए प्रति पृष्ठ शुल्क निर्धारित किया गया है। फोटो रहित सूची की एकतरफा प्रिंटिंग के लिए प्रति पृष्ठ 2 रुपए और दोनों तरफा प्रिंटिंग के लिए 4 रुपए शुल्क देना होगा। फोटो सहित मतदाता सूची के लिए भी यही दरें लागू रहेंगी। वहीं सॉफ्ट कॉपी पीडीएफ फॉर्मेट में कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) पर दी जाएगी, इसके लिए प्रति सीडी 100 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सूची भी फोटो सहित या बिना फोटो उपलब्ध होगी।
Updated on:
15 Feb 2026, 3:32 PM IST
Published on:
15 Feb 2026, 3:32 PM IST
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