भरतपुर

राजस्थान से हर दिन 93 लोग गायब, इनमें 76% महिलाएं

Women Missing Report: इनमें महिलाओं की संख्या 76 फीसदी से अधिक हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 28 जनवरी से चार फरवरी तक राज्यभर में 650 लोग लापता हुए।

2 min read
Feb 05, 2025

संत कौशिक
भरतपुर। प्रदेश में हर साल करीब 34 हजार लोग अलग-अलग कारणों से लापता होते हैं। इस तरह हर दिन करीब 93 लोग और सप्ताह में औसतन 652 लोग गायब हो रहे हैं। खास बात है कि इनमें महिलाओं की संख्या 76 फीसदी से अधिक हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 28 जनवरी से चार फरवरी तक राज्यभर में 650 लोग लापता हुए।

इनमें से 494 महिलाएं और 156 पुरुष शामिल हैं। इनमें 18 साल से कम उम्र के 111 नाबालिग शामिल हैं, जिनमें 90 बालिकाएं और 21 बालक हैं, जो करीब 16 प्रतिशत तक हैं। लापता लोगों में 13 ऐसे हैं, जिनकी आयु 60 साल से अधिक है, उनमें 7 पुरुष एवं 6 महिलाएं हैं।

यह आंकड़ा पुलिस के सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) पोर्टल पर दर्ज है। आंकड़ों से साफ है कि लापता लोगों में 76 प्रतिशत महिलाएं और 24 प्रतिशत पुरुष हैं। यह आंकड़ा समाज और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है। खासकर महिलाओं और बच्चों की संख्या पुलिस और प्रशासन को चुनौती खड़ी कर रही है।

60-70 फीसदी लोग आ जाते वापस

भरतपुर रेंज आइजी राहुल प्रकाश का कहना है कि गुमशुदा में करीब 60-70 फीसदी वापस आ जाते हैं तो कुछ को पुलिस तलाश कर लेती है। 5 फीसदी लोग हादसे का शिकार या आत्महत्या कर लेते हैं। जिनके शव पहले तो अज्ञात में मिलते हैं, बाद में उनमें से करीब 3 फीसदी की शिनाख्त हो जाती है, वहीं 2 फीसदी ऐसे भी होते हैं, जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती।

60% लापता लोग 18 से 30 वर्ष के

लापता महिलाओं में 60 फीसदी की उम्र 18 से 30 वर्ष होती है, जो प्रेम संबंध के चलते घर से भाग जाती हैं। इनमें 90 फीसदी कुछ समय बाद मिल जाती है। बची शेष 10 फीसदी आत्महत्या या हादसे का शिकार हो जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग बच्चों से तंग आकर ही घर छोड़ते हैं या कहीं चले जाते हैं।

यह है कारण

  • महिलाएं घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, प्रेम संबंध, दहेज और मानव तस्करी के चलते गायब होती हैं।
  • बच्चे पढ़ाई के दबाव, सोशल मीडिया से प्रभावित, अपहरण और तस्करी, पारिवारिक कलह, माता-पिता के बीच तलाक के चलते घर छोड़ने को मजबूर होते हैं।
  • बुजुर्ग मानसिक दबाव, पारिवारिक उपेक्षा, डिमेंशिया, आर्थिक कारण व मानसिक बीमारियों के चलते घर से गायब हो जाते हैं।

यूं ही कोई लापता नहीं होता

महिलाओं के लापता होने के पीछे मुख्यता घरेलू कारण होते हैं। वहीं, बच्चे पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़ रहे हैं। वहीं बुजुर्गों के सामने अपने ही परिवार में उनके ही अस्तित्व पर संकट दिख रहा है। इससे वे मानसिक दबाव में रहते हैं। बच्चों द्वारा उपेक्षित होने पर वे मानसिक बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं और अचानक घर छोड़ देते हैं। 
- डॉ. पवन शर्मा, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ

Updated on:
05 Feb 2025 08:01 am
Published on:
05 Feb 2025 07:40 am
Also Read
View All

अगली खबर