
13 साल बाद हुआ पत्नी से मिलन तो छलक पड़ी आंखें
भरतपुर . दिन, माह और साल उनकी यादों को संजोकर रखा। हर मुमकिन जगह तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर में इसे प्रभु की नीयति मान लिया। अब अचानक उनके अपना घर में होने की सूचना मिली तो सहसा विश्वास ही नहीं हुआ। यह कहते-कहते अलवर निवासी चेतराम का गला रुंध आया। तेरह साल बाद पत्नी से मिले चेतराम खुद के आंसू नहीं रोक सके।
प्रभुजी माया देवी को श्वेता सिंह की सूचना पर 22 जून 2022 को लावारिस एवं मानसिक स्थिति में उपचार के लिए अपना घर आश्रम वृन्दावन की टीम ने मथुरा से अपना घर आश्रम भरतपुर में भर्ती कराया था। प्रभुजी माया देवी को लेने आए इनके पति चेतराम व बेटे विकास कुमार ने बताया कि मानसिक स्थिति सही नहीं होने के कारण वह घर से निकल गईं। काफी तलाश करने पर भी सफलता नहीं मिली। ऐसे में हमने इनके लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन परमात्मा ने हमें उससे करीब 13 साल बाद मिला ही दिया। चेतराम ने बताया कि माया के घर से निकलने के बाद मैंने बेटे की शादी भी कर ली थी। हाल ही में अपना घर की पुनर्वास टीम ने थाने के माध्यम से सूचना दी। इसके बाद हम इन्हें लेने के लिए अपना घर आश्रम भरतपुर आए। अपना घर से बुधवार को प्रभुजी माया देवी को उनके पति चेतराम निवासी खडगपुर अलवर को सुपुर्द कर दिया।
मां का हुआ बेटे से मिलन
करीब 4 महीने पहले बिछुडे सन्नी को उनकी मां सुनीता, भाई सुभाष एवं बहन अंजली निवासी फिरोजाबाद उत्तरप्रदेश को सुपुर्द किया गया। प्रभुजी सन्नी को सत्येन्द्र सोलंकी की सूचना पर सेवर से 7 सितम्बर को लावारिस एवं मनोरोगी की अवस्था में भर्ती कराया गया था। प्रभुजी सन्नी की मां सुनीता एवं भाई ने बताया कि इसकी मानसिक स्थिति का इलाज चल रहा था। इन्हें हॉस्पिटल दिखाने ले गए थे। इसके बाद सन्नी यहां से गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं चल सका। हाल ही में सुभाष शर्मा निवासी चण्डीगढ़ ने सूचना दी कि आपका बेटा अपना घर आश्रम भरतपुर में है। मां अपना घर में बेटे को सकुशल देखकर उससे लिपट गई। प्रभुजी सन्नी को उनकी मां सुनीता निवासी फिरोजाबाद को सुपुर्द कर दिया गया।
भरतपुर . माया देवी को लेने पहुंचे परिजन।
Published on:
22 Sept 2022 11:02 am
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