
Photo: Patrika
Rajasthan Crime: भरतपुर के हलैना थाने के एक गांव में युवती इलाज के लिए अपनी दादी के साथ अस्पताल गई तो चिकित्सक ने युवती से अश्लील बातें कीं और अपना मोबाइल नंबर युवती को थमा दिया। घटना की जानकारी जब परिजनों को लगी तो ग्रामीणों ने अस्पताल पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार गत सोमवार को युवती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झालाटाला पर अपनी दादी के साथ इलाज कराने गई तो डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार जयंत ने दादी को ओपीडी की पर्ची लेने के लिए काउंटर पर भेज दिया और युवती से अश्लील बातें करने लगा। चिकित्सक ने मोबाइल पर बातचीत करने के लिए अपना मोबाइल नंबर कागज पर लिखकर युवती को थमा दिया।
परिजनों ने बताया कि जब हमने देर रात बच्ची को परेशान देखा तो हमने बच्ची से पूछा तब जाकर ये सब घटना क्रम हमारे सामने आया। अगले दिन सुबह जब परिजन पीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर अवकाश पर था और जब दूसरे दिन भी डॉक्टर नहीं आया तो बच्ची के पिता ने डॉक्टर का नंबर लेकर कॉल किया तो गोलमोल बात कर डॉक्टर ने फोन काट दिया।
थोड़े समय बाद डॉक्टर की ओर से बच्ची के पिता के व्हाट्सएप पर माफ़ी मांगने और कई प्रकार के मैसेज किए गए और कॉल भी किए गए। दो दिन बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पहले ही मिल जाने के कारण दोषी डॉक्टर अस्पताल छोडकऱ भाग गया। अगर वह दोषी नहीं होता तो अस्पताल से नहीं भागता।संबंधित विभाग की ओर से दोषी डॉक्टर को बचाया जा रहा है।
सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों से समझाइश कर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया और मामला शांत कराया। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो दुबारा आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने डॉक्टर पर आरोप लगाए हैं कि बच्चियों और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं। लेकिन स्टाफ की कथित मिलीभगत से सब अंदर ही दबा दिया गया। क़रीब 3 घंटे बाद प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ पीएचसी पर पहुंचे और धरने पर बैठे ग्रामीणों के साथ समझाइश कर बड़ी मशक्कत के बाद ताला खुलवाया गया।
पीड़ित के परिजनों और मुख्य ग्रामीणों के साथ बैठकर पूरे मामले को जाना। अधिकारियों में मुख्य रूप से कार्यवाहक तहसीलदार भानु शर्मा, नायब तहसीलदार मनोज भारद्वाज, एवं डीआरएचओ डॉ. अमर सिंह आदि मौजूद थे। बाद में सभी संबंधित अधिकारियों की ओर से आज ही जांच कमेटी गठित कर उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मामला जब बढ़ने लगा तो प्रकरण की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। ऐसे में मामला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचा तो डॉक्टर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जो कि अगले सात दिन में प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देगी।
इसके बाद निदेशालय को रिपोर्ट भेजने के बाद ही कार्रवाई हो सकेगी। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह डॉक्टर ने अचानक से कथित सीएल लेकर अस्पताल छोड़ा है। उससे डॉक्टर की कार्यशैली संदेह के घेरे में है। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत का पता चल सकेगा।
बताते हैं कि जिस चिकित्सक पर आरोप लगाया गया है। वह तीन दिन की सीएल लेकर गया है, जबकि जिस बीसीएमओ से अवकाश की स्वीकृति लेनी थी। वे खुद अवकाश पर चल रहे हैं। सीएल की स्वीकृति सक्षम अधिकारी से लेना आवश्यक होता है। ऐसे में इस बात का खुलासा हुआ है कि डॉक्टर बगैर स्वीकृति गलत तरीके से अवकाश पर है। ऐसे में इस प्रकरण की भी विभागीय स्तर पर जांच होना आवश्यक है।
इनका कहना… मौके पर जाकर परिजनों से बातचीत कर पूरा मामला जाना और इसमें जांच कमेटी बिठाकर जल्द ही जांच करवाकर आगामी सात दिवस में रिपोर्ट के आधार पर उचित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
मनोज भारद्वाज, नायब तहसीलदार, हलैना
जब मामले कि सूचना मिली तो 11 बजे सुबह मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परिजनों से बातचीत कर पूरा पक्ष सुना गया। जिस आधार पर हमने परिजनों की ओर से एक कार्रवाई के लिए सीएमएचओ भरतपुर के लिए प्रार्थना पत्र प्राप्त कर लिया है। साथ ही आज ही जिला चिकित्सालय और क्षेत्रीय चिकित्सालय से जांच कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें एक महिला चिकित्सक को भी रखा जाएगा और जल्द ही उचित जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अमर सिंह, डीआरएचओ, भरतपुर
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Published on:
23 Jan 2026 11:23 am
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