भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से गुरुवार को नवें दिन भी जयचोली के पास महापड़ाव जारी रखा गया। जाट समाज की 11 सदस्य कमेटी वार्ता के लिए जयपुर तो गई, लेकिन सीएम की व्यस्तता के चलते सीएम भजन लाल शर्मा से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि जाट समाज अभी तक कोई निर्णय पर नहीं पहुंचा है। संयोजक नेमसिंह फौजदार ने बताया कि हमें मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने को कहा गया था। इसके बाद हमसे कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं और उन्हीं की अगुवाई के कार्यक्रम में व्यस्त हैं। इसके बाद हमें उनसे मिलने का समय ही नहीं दिया गया। संघर्ष समिति नहीं चाहती कि किसी तरह का कोई आंदोलन हो। सरकार खुद आंदोलन उग्र करवाना चाहती है। जाट आरक्षण के लिए यह आंदोलन आखिरी आंदोलन है और यह आर-पार का होगा। सरकार की मंशा इस तरह की रहती है कि आंदोलन उग्र हो जाए आग लग जाए उसके बाद वार्ता की जाए। दो वार्ताएं थी वो सकारात्मक रही। लेकिन, सीएम से वार्ता नहीं हो पाई है।