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निचले स्तर पर अधिकारी नहीं सुनते फरियाद, संभागीय आयुक्त के सामने आए प्रकरण

-उपखंड, तहसील, नगरपालिका व पंचायत समिति स्तर पर अधिकारी कर अनसुना, लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

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निचले स्तर पर अधिकारी नहीं सुनते फरियाद, संभागीय आयुक्त के सामने आए प्रकरण

निचले स्तर पर अधिकारी नहीं सुनते फरियाद, संभागीय आयुक्त के सामने आए प्रकरण

भरतपुर. जिलास्तरीय व संभागीय स्तरीय जनसुनवाई में हमेशा निचले स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण प्रकरण सामने आते हैं। यही कारण है कि वहां आमजन की फरियाद सुनने में आनाकानी की जाती है। मंगलवार को संभागीय आयुक्त की जिलास्तरीय मासिक जनसुनवाई में भी ऐसा ही कुछ सामने आया। इस पर उन्होंने ऐसे लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।
संभागीय आयुक्त प्रेमचंद बेरवाल ने जनसुनवाई से पूर्व बैठक में कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के शेष तीन माह में सभी विभाग राज्य सरकार की विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों में अधिकतम बजट का उपयोग कर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करते हुए आमजन को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। संभागीय आयुक्त ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ब्लॉक सीएमएचओ अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्रों का प्रतिमाह नियमित निरीक्षण करें तथा चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ को ड्यूटी रोस्टर तैयार कर इसके अनुरूप ही ड्यूटी देने तथा अवकाश लेने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को आधार कार्ड से राशन कार्ड की सीडिंग कार्य में गति लाते हुए इस कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त प्रशासनिक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन कार्य दिवस में जनसुनवाई के लिए समय निर्धारित करें। जिला स्तरीय मासिक जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की शिकायतों का निस्तारण कर उनकी पीड़ा को कम करने में सहायक सिद्ध हों। बैठक में एडीएम प्रशासन बीना महावर, एडीएम शहर डॉ. राजेश गोयल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तम सिंह मदेरणा, प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी ऋषभ मण्डल आदि उपस्थित थे।

बोले: बार-बार सामने आ रही शिकायत

संभागीय आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान यह देखने में आया है कि परिवादी की ओर से बार-बार निचले स्तर पर संपर्क करने के पश्चात् भी शिकायतों का निस्तारण न होना कार्य में लापरवाही का द्योतक है जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसुनवाई में आए रास्तों एवं सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को प्राथमिकता से हटाकर रिपोर्ट करें। उन्होंने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार के जबावदेह शासन के तहत संवेदनशील एवं जबावदेही के साथ प्रकरणों का आगामी जनसुनवाई से पूर्व निस्तारण करें।