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कोटा में फंसे बच्चे अब पहुंचे अपने क्षेत्र में…

भरतपुर. जीवन में पढ़-लिखकर कुछ बनने का सपना लिए कोटा में कोचिंग कर रहे विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण ने आहत कर दिया।

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कोटा में फंसे बच्चे अब पहुंचे अपने क्षेत्र में...

कोटा में फंसे बच्चे अब पहुंचे अपने क्षेत्र में...

भरतपुर. जीवन में पढ़-लिखकर कुछ बनने का सपना लिए कोटा में कोचिंग कर रहे विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण ने आहत कर दिया। अब विद्यार्थियों ने भरतपुर पहुंचकर राहत की सांस ली। लंबे समय बाद राज्य सरकार ने कोटा से रोडवेज बसों को रवाना करने का फरमान जारी कर इन्हें गंतव्य तक पहुंचाया। इस स्थिति में कोटा से आईं आठ बसों ने करीब 240 बच्चों को भरतपुर छोड़ा। यहां से भरतपुर डिपो की छह बसों ने जिले की तहसीलों में छोड़ दिया, जहां इन्हें जांच के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है।

संक्रमण के कारण लगे लॉक डाउन ने कोटा में इनकी स्थिति बदतर हो गई थी। तब से अब तक तीस दिन के लॉक डाउन में अपनों से दूर रहे बच्चों ने स्वयं को ईश्वर के सहारे छोड़ दिया। कोटा में फंसे भरतपुर के विद्यार्थी अपने घर पहुंचने की आस लगाए बैठे थे। उन्हें वहंां पर भोजन, ठहरने में दिक्कत, पानी की असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि संक्रमण की हालत में इनकी जेबें खाली हो चुकी थी।


शिक्षा का हब कहे जाने वाले कोटा में विद्यार्थियों की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने रोडवेज बसों से इनके गंतव्त तक पहुंचाने का आदेश जारी किया। इस पर कोटा से शनिवार सुबह आठ बसें भरतपुर पहुंची, जहां से भरतपुर डिपो की छह बसों को डीग-कुम्हेर, रूपवास, नदबई, वैर, पहाड़ी, सीकरी, नगर के लिए रवाना किया। इससे पहले बच्चों का बाइपास स्थित शहनाई मैरिज होम में बने वेलनेस सेंटर में सैम्पल लिए। इसके बाद पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में रवाना किया गया।