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भरतपुर में धर्मांतरण का मामला: हर सप्ताह आरोपियों के खाते में आते थे 25-25 हजार रुपए, जानिए कौन भेजता था

Conversion Case in Rajasthan : भरतपुर धर्मांतरण केस में अब पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया गया है। जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। बता दें आपको कि 11 फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक होटल से दो आरोपियों कुंवर सिंह और शैलेंद्र सिंह को धर्मांतरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।  

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Conversion In Bharatpur : भरतपुर के एक होटल में धर्मांतरण के केस में अब पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया गया है। जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

अब पुलिस आरोपियों के अन्य बैंक खातों को भी खंगालने में जुटी है। साथ ही पंजाब के जिस संस्था के माध्यम से आरोपियों के खातों में हर सप्ताह रकम आती थी, उनकी जांच भी शुरू की गई है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अब पंजाब भी जांच के लिए जाएगी। ताकि अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सके।

जानकारी के अनुसार 11 फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक होटल में बड़ी संख्या में लोगों का सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास करने के मामले में पुलिस ने दो धर्म प्रचारकों कुंवर सिंह पुत्र बदन सिंह निवासी तुहिया हाल निवासी रसाला मोहल्ला तथा शैलेन्द्र सिंह पुत्र जोगेन्द्र सिंह निवासी टीकरी थाना नगला सिंघी जिला फिरोजाबाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। इस संबंध में संदीप गुप्ता पुत्र सुभाषचंद निवासी मथुरा गेट ने मामला दर्ज कराया था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी पिछले करीब साढ़े तीन-चार वर्ष से प्रोफेट बिजेन्द्र सिंह चंड़ीगढ़ से जुड़े हुए थे। वहां से ही उन्हें हर सप्ताह 25-25 हजार रुपए बैंक खाते में मिलते थे। साथ ही साहित्य व अन्य सामान पंजाब से ही भेजा जाता था। उनका काम सिर्फ लोगों को धर्म सभा व बैठकों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को ईसाई धर्म से जोडऩा होता था। हर माह जोड़े गए सदस्यों की सूची व पूरी विस्तृत रिपोर्ट भी मेल के माध्यम से भेजी जाती थी। उसका सत्यापन होने के बाद भी उन्हें अगले सप्ताह रकम मिलती थी। हालांकि अभी पुलिस ने दोनों आरोपियों को अन्य बैंक खातों की भी जानकारी जुटा रही है। इनके अन्य साथियों के बारे में भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ताकि असल मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सके।


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी ईसाई मिशनरी से जुड़े हुए जरूर है, लेकिन इनका व इनके परिवार का धर्म परिवर्तन नहीं हुआ है। वह सिर्फ धन कमाने के लालच में प्रोफेट बिजेंद्र सिंह चंडीगढ़ से जुड़े हुए हैं। जहां से उन्हें हर सप्ताह धन प्राप्त होता है। साथ ही धर्मांतरण करने वाले लोगों के केस बनाकर भेजने के बाद उनको दी गई राशि का बिल भी ऑनलाइन पास होता है।

धर्मांतरण प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले परिवादी के अधिवक्ता उत्तम शर्मा ने बताया कि आरोपियों की ओर से अभी तक की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान में हजारों के लोगों के धर्मांतरण की बात कही जा रही है। अगर इस प्रकरण की सही तरह से जांच कराई जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है।

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