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अब फास्टैग में भी लालच देकर ठगी कर रहे बदमाश, बैंक डिटेल नहीं करें शेयर

-मोबाइल में आने वाले ओटीपी नंबर को भी न बताएं

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अब फास्टैग में भी लालच देकर ठगी कर रहे बदमाश, बैंक डिटेल नहीं करें शेयर

अब फास्टैग में भी लालच देकर ठगी कर रहे बदमाश, बैंक डिटेल नहीं करें शेयर

भरतपुर. ठगों की गैंग अब किसी भी क्षेत्र में ठगी करने से बाज नहीं आ रही है। अब फास्टैग में लोगों को लालच देकर अपराधी ठगी का शिकार करने लगे हैं। फोन पर लोगों से बातों में इतना विश्वास जता देते हैं कि लोग उनको बैंक संबंधित डिटेल शेयर कर देते हैं। जैसे ही उनके पास ओटीपी नंबर जाता है तो तुरंत खाते से सारे पैसे निकाल लेते हैं। पुलिस के पास इस तरह ठगने की कई शिकायतें आ चुकी हैं। जानकारी के अनुसार देश में सभी वाहनों पर 15 जनवरी से फास्टैग अनिवार्य किया हुआ है। इसलिए सभी लोग अलग-अलग तरीकों से अपने वाहनों के लिए फास्टैग इंस्टाल करवाते हैं। कुछ अपराधी इस स्थिति का लाभ उठाते हैं। अपराधियों फर्जी एप बनाने के अलावा मोबाइल पर भी बात करते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधी इतने सक्रिय हैं कि फास्टैग पंजीकरण के नाम फर्जी संदेश भेजकर, उनसे उनकी वित्तीय या व्यक्तिगत या वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) इत्यादि की जानकारी मांगते हैं। वह विभिन्न बैंकों की तरह अलग-अलग कीमतों पर फास्टैग की कीमतों में छूट का लालच देकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। फास्टैग रैपिड फास्टैग चिप्स पर आधारित है। इसके डाटा को आसानी से कॉपी किया जा सकता है। डाटा को कॉपी करने के लिए मार्केट में कई उपकरण मौजूद हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि फास्टैग केवल स्वीकृत एजेंसियों से खरीदें, जैसे टोल प्लाजा, पेटीएम और अमेजन इत्यादि। उन जालसाजों से बचें जो छूट दरों पर आपको फास्टैग प्रदान करने का प्रलोभन देते हैं। उनके साथ व्यक्तिगत व बैंक से संबंधी जानकारियां प्रदान न करें। फास्टैग से संबंधित कठिनाइयों को हल करने के लिए सीधे संबंधित को संपर्क करें या बैंक में जाए किसी की मध्यस्थता स्वीकार न करें। स्मार्ट फोन में केवल एनएचएआई की ओर से प्रमाणित एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें, जोकि इंडियन हाईवे इंजीनियरिंग कंपनी की ओर से लांच किया गया हो।

इधर, फेसबुक आइडी हैक कर मांगे पैसे, दी तहरीर

रूपवास. कस्बा निवासी एक व्यक्ति ने फेसबुक आईडी हैक कर दर्जनों लोगों से पैसे मांग ठगने के प्रयास को लेकर तहरीर दी है। कस्बा निवासी रवि प्रकाश पुत्र ओमप्रकाश शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी कि मेरी एक आइडी फेसबुक मैसेन्जर पर बनी हुई है। 23 फरवरी को किसी अनजान व्यक्ति ने मेरी फेसबुक आईडी के मैसेंजर अकाउंट को हैक कर लिया। उस व्यक्ति ने अकाउंट हैक कर मेरे फेसबुक की फ्रेंडलिस्ट में मौजूद दर्जनों लोगों से फोन पे पर पैसे डलवाने का प्रयास किया। जिसकी जानकारी शाम के समय हुई। जिस पर अकाउंट को साइन आउट कर दिया।

- किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए बैंक संबंधित जानकारी शेयर न करें। इससे फ्रॉड ज्यादा होते हैं। आमजन को जागरूक होने की आवश्यकता है। मोबाइल पर किसी के बहकावे में कोई जानकारी न दें।
-हैदर अली जैदी
जिला पुलिस अधीक्षक