12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

संक्रमित क्षेत्र में भी बेखौफ संभाल रहीं मोर्चा…

भरतपुर. कोरोना के प्रभाव से संक्रमितों की संख्या में इजाफा अब लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

2 min read
Google source verification
संक्रमित क्षेत्र में भी बेखौफ संभाल रहीं मोर्चा...

संक्रमित क्षेत्र में भी बेखौफ संभाल रहीं मोर्चा...

भरतपुर. कोरोना के प्रभाव से संक्रमितों की संख्या में इजाफा अब लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पच्चीस दिन पहले जहां सभी रिपोर्ट नेगेटिव थी, लेकिन अब बीस दिनों में पॉजिटिव का आंकड़ा 102 पर पहुंच गया है जो भरतपुर जिले को प्रदेश में तीसरे पायदान पर ले आया है। इनमें बयाना के कसाईपाड़ा में सर्वाधिक 95 पॉजिटिव हैं वहीं अन्य स्थानों पर सोमवार दोपहर तक 07 पॉजिटिव दर्ज हैं। इस स्थिति में कोरोना कर्मवीर आंगनबाड़ी की महिला कार्मिक संक्रमण प्रभावित और गैर प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, गांवों में बाहर से आए लोगों की पहचान, क्वारंटाइन पहुंचा आदि कार्य डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से करने में जुटी हैं।

संकट की घड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता, आशासहयोगिनी सतर्कता दल के साथ निकल जाती हैं, जहां संक्रमित लोग मिले हैं वहां आसपास के क्षेत्र में स्क्रीनिंग व बाहर से आए लोगों की सूचना लेकर क्वारंटाइन, जांच के लिए सैम्पल, संदिग्ध है तो घर पर पर्चा चस्पा करने की गतिविधियों में लगी हैं। सुबह से शाम तक कार्य के बाद घर लौटती हैं तो स्वयं को सेनेटाइज करने के साथ अलग कमरों में चली जाती हैं। अपने परिवार से दूर।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 35 लाख 21 हजार 707 लोगों की स्क्रीनिंग की। इसमें 2.5 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, होम क्वारंटाइन व क्वारंटाइन सेंटरों में संक्रमण के संदिग्धों को भिजवाने में आशासहयोगिनी व कार्यकर्ताओं ने सहयोग कर अपना दायित्व निभाया। गौरतलब है कि जिले में 2078 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां लगभग 1900 आशा सहयोगिनी और 2000 कार्यकर्ता कार्यरत हैं।

इन्हें सर्वे के कार्य में चिकित्सा विभाग के सर्तकता दल में शामिल किया है। विभाग ने करीब 1500 सतर्कता दल बनाए हैं जिनमें ये शामिल हैं। हालांकि ये पूरे जिले में कार्य कर रहीं हैं लेकिन सबसे अधिक संक्रमित क्षेत्र की श्रेणी में बयाना आ रहा है। यहां 23 आशा व 24 कार्यकर्ता संक्रमण से घिरे क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। शेष जिलेभर में लगी हैं। ये कहती है कि हमें अपना फर्ज निभाकर लोगों को जागरुक करना है।

भरतपुर में सीएमएचओ डॉ. कप्तानसिंह का कहना है कि चिकित्सा विभाग की टीम के साथ आंगनबाड़ी में कार्यरत आशा सहयोगिनी व कार्यकर्ता डोर-टू-डोर सर्वे के साथ संक्रमित क्षेत्रों में भी स्क्रीनिंग, जांच, क्वारंटाइन भिजवाने में पूर्ण सहयोग दे रही हैं।