2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुर्जरों के बाद अब जाट समाज की महापंचायत, सरकार की फिर बढ़ेगी मुश्किलें! जानें क्या है मांगें?

भरतपुर-धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज ने बुधवार को कुम्हेर के पेंघोर के चामड़ माता मंदिर पर जाट महापंचायत बुलाई।

2 min read
Google source verification
Mahapanchayat of Jat community

फोटो- पत्रिका

Jat community Mahapanchayat: राजस्थान में गुर्जर समाज के बाद अब जाट समाज की ओर से महापंचायत बुलाई गई। भरतपुर-धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज ने बुधवार को कुम्हेर के पेंघोर के चामड़ माता मंदिर पर जाट महापंचायत बुलाई। जिसमें जाट समाज ने केंद्र में ओबीसी में आरक्षण दने की मांग रखी। इसका नेतृत्व जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार कर रहे है।

गौरतलब है कि इस बार जाट समाज के बड़े नेता विश्वेंद्र सिंह ने दूर बनाए रखी। जाट समाज ने महापंचायत बुलाकर राजस्थान सरकार के नाम चार सूत्रीय मांगों को लेकर पत्र लिखा है। जिसमें भरतपुर-धौलपुर डीग के जाटों ने केन्द्र में ओबीसी में आरक्षण सहित चार मांगों रखी हैं।

जाट समाज ने सरकार से चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों पर सरकार गम्भीरता पूर्वक विचार करे। अगर सरकार ने इस मामले को गम्भीरता से संज्ञान में नहीं लिया तो समाज आन्दोलन को मजबूर होगा और उस स्थिति में उसकी उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।

इन मांगों को लेकर महापंचायत

-भरतपुर-डीग-धौलपुर के जाटों को ओबीसी आरक्षण की केन्द्र की सूची में शामिल किया जाये। राज्य सरकार द्वारा आपकी पहल पर सकारात्मक वार्ता दिल्ली में हुई। लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई।

-वर्ष 2015 से 2017 के बीच विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभी तक नियुक्ति नहीं दी गई है। उनको नियुक्ति दी जाए।

-महाराजा सूरजमल कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।

-पूर्व में आरक्षण आन्दोलन के दौरान लगे मुकदमे वापस किए जाए।

यह भी पढ़ें : राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि: सभास्थल पहुंच रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता, 2 मिनट मौन रख दी श्रद्धांजलि

Story Loader